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Prayagraj News: जंक्शन पर टिन शेड का गर्डर गिरा, रिक्शा चालक की मौत
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जंक्शन के गेट नंबर दो के सामने बने टिन शेड का गर्डर गिरने से शनिवार को 60 वर्षीय रिक्शा चालक की मौत हो गई। जबकि एक अन्य घायल हो गया। मूसलाधार बारिश के दौरान गर्डर गिरने से दाेनों उसकी चपेट में आ गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां वृद्ध को मृत घोषित कर दिया गया।
गुरुदीन भारती (60) सरायइनायत थाना क्षेत्र के हनुमानगंज बीकापुर के रहने वाले थे। वह रिक्शा चलाते थे। शनिवार को प्रयागराज जंक्शन के पास सवारी लेने के लिए गए थे। तभी तेज बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए वह जंक्शन गेट नंबर दो के पास बने विश्रामालय के टिन शेड के नीचे खड़े हो गए। तभी अचानक टिनशेड का गर्डर उनके ऊपर गिर गया, जिसके नीचे वह दब गए। साथ ही एक अन्य व्यक्ति भी चपेट में आ गया। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह गर्डर हटाया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक वृद्ध की मौत हो चुकी थी। उधर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त अन्य लोग वहां मौजूद नहीं थे।
क्षतिग्रस्त हो चुका था तो क्यों नहीं हुई रिपेयरिंग?
इस घटना को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। बड़ा सवाल है कि अगर गर्डर क्षतिग्रस्त हो चुका था, तो इसे रिपेयर क्यों नहीं कराया गया। सवाल यह भी है कि अगर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी ही नहीं थी, तो मरम्मत का कार्य देखने वाले क्या करते रहे। अगर हादसा बारिश के दौरान की जगह सामान्य अवधि में हुआ होता तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
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गुरुदीन भारती (60) सरायइनायत थाना क्षेत्र के हनुमानगंज बीकापुर के रहने वाले थे। वह रिक्शा चलाते थे। शनिवार को प्रयागराज जंक्शन के पास सवारी लेने के लिए गए थे। तभी तेज बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए वह जंक्शन गेट नंबर दो के पास बने विश्रामालय के टिन शेड के नीचे खड़े हो गए। तभी अचानक टिनशेड का गर्डर उनके ऊपर गिर गया, जिसके नीचे वह दब गए। साथ ही एक अन्य व्यक्ति भी चपेट में आ गया। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह गर्डर हटाया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक वृद्ध की मौत हो चुकी थी। उधर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त अन्य लोग वहां मौजूद नहीं थे।
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क्षतिग्रस्त हो चुका था तो क्यों नहीं हुई रिपेयरिंग?
इस घटना को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। बड़ा सवाल है कि अगर गर्डर क्षतिग्रस्त हो चुका था, तो इसे रिपेयर क्यों नहीं कराया गया। सवाल यह भी है कि अगर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी ही नहीं थी, तो मरम्मत का कार्य देखने वाले क्या करते रहे। अगर हादसा बारिश के दौरान की जगह सामान्य अवधि में हुआ होता तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
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