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समय पूरा, फिर भी तीन लाख दूसरी डोज से दूर
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तीन लाख लोग कोविड टीके की दूसरी डोज से दूर
- एक माह के अंदर दूसरी खुराक नहीं लेने वालों का बढ़ा आंकड़ा
प्रयागराज। कोरोना के लगातार बढ़ रहे संक्रमण के साथ ही टीकाकरण में लापरवाही के मामले भी बढ़ रहे हैं। जिले में कोविड वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज लगवाने में हीलाहवाली करने वालों का आंकड़ा अब डराने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में समय पूरा होने के बाद वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाने वालों का आंकड़ा तीन लाख 34 हजार है। इनमें बीते दिसंबर में ही एक लाख लोग ऐसे हैं जो दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे।
कोरोना टीककारण अभियान में वैक्सीन की दो डोज लगवाने की व्यवस्था है। वैक्सीन की उपलब्धता के मुताबिक किसी को 42 दिन तो किसी को 112 दिनों के अंतराल में वैक्सीन की दूसरी डोज लगवानी थी, जिसमें लापरवाही बरती गई। विशेष अभियान और एसएमएस, फोन से सूचना देने के बाद भी लोग दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने टीके की दोनों डोज लगवाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए, जिनका लोगों पर असर नहीं हुआ। पांच जनवरी तक समय पूरा होने के बाद भी दूसरी डोज नहीं लगवाने वालों का आंकड़ा तीन लाख 34 हजार से ऊपर पहुंच गया। जबकि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के साथ ही ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। जिले में लगातार नए संक्रमित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
उसके बाद भी लोगों में टीकाकरण की दूसरी डोज को लेकर जागरूकता नहीं आ रही है। जो खतरनाक संकेत दे रहे है।जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथ लाल के मुताबिक दूसरी डोज नहीं लेने वालों की कुल संख्या पहली डोज लेने वालों के मुकाबले 50 प्रतिशत है। जबकि अब तक सूचीबद्ध चिह्नित लोगों में81 प्रतिशत ने पहली डोज ले ली है।
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कोवैक्सीन, कोविशील्ड के लिए अलग-अलग निर्धारित है समय
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथ लाल ने बताया कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड टीके की दूसरी डोज के लिए अलग-अलग समय निर्धारित है। कोविशील्ड की पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक 112 दिन बाद ली जा सकती है। कोवैक्सीन की पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक के लिए 42 दिन का अंतराल तय है।
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- एक माह के अंदर दूसरी खुराक नहीं लेने वालों का बढ़ा आंकड़ा
प्रयागराज। कोरोना के लगातार बढ़ रहे संक्रमण के साथ ही टीकाकरण में लापरवाही के मामले भी बढ़ रहे हैं। जिले में कोविड वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज लगवाने में हीलाहवाली करने वालों का आंकड़ा अब डराने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में समय पूरा होने के बाद वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाने वालों का आंकड़ा तीन लाख 34 हजार है। इनमें बीते दिसंबर में ही एक लाख लोग ऐसे हैं जो दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे।
कोरोना टीककारण अभियान में वैक्सीन की दो डोज लगवाने की व्यवस्था है। वैक्सीन की उपलब्धता के मुताबिक किसी को 42 दिन तो किसी को 112 दिनों के अंतराल में वैक्सीन की दूसरी डोज लगवानी थी, जिसमें लापरवाही बरती गई। विशेष अभियान और एसएमएस, फोन से सूचना देने के बाद भी लोग दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने टीके की दोनों डोज लगवाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए, जिनका लोगों पर असर नहीं हुआ। पांच जनवरी तक समय पूरा होने के बाद भी दूसरी डोज नहीं लगवाने वालों का आंकड़ा तीन लाख 34 हजार से ऊपर पहुंच गया। जबकि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के साथ ही ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। जिले में लगातार नए संक्रमित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
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उसके बाद भी लोगों में टीकाकरण की दूसरी डोज को लेकर जागरूकता नहीं आ रही है। जो खतरनाक संकेत दे रहे है।जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथ लाल के मुताबिक दूसरी डोज नहीं लेने वालों की कुल संख्या पहली डोज लेने वालों के मुकाबले 50 प्रतिशत है। जबकि अब तक सूचीबद्ध चिह्नित लोगों में81 प्रतिशत ने पहली डोज ले ली है।
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कोवैक्सीन, कोविशील्ड के लिए अलग-अलग निर्धारित है समय
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. तीरथ लाल ने बताया कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड टीके की दूसरी डोज के लिए अलग-अलग समय निर्धारित है। कोविशील्ड की पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक 112 दिन बाद ली जा सकती है। कोवैक्सीन की पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक के लिए 42 दिन का अंतराल तय है।