प्रयागराज : अस्पताल में अतीक के फाइनेंसर नफीस बिरयानी की कड़ी सुुरक्षा, डॉक्टरों की सलाह पर भेजा जाएगा जेल
नफीस को पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ के दौरान फरार बाइक सवार उसके साथी की बृहस्पतिवार को तलाश की जाती रही, लेकिन वह नहीं मिला। उमेश पाल हत्याकांड में नफीस पर पुलिस ने कुछ दिन पहले ही 50 हजार का इनाम घोषित किया था। उमेश पाल की हत्या में प्रयुक्त क्रेटा कार नफीस की ही थी। उससे पूछताछ में अतीक गैंग के कई राज खुलने की उम्मीद है।
विस्तार
अतीक गैंग के फाइनेंसर नफीस बिरयानी को कड़ी सुरक्षा में एसआरएन अस्पताल में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि अभी उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के परामर्श के बाद ही उसे जेल भेजा जाएगा। बुधवार की रात गंगापार के आनापुर इलाके में पुलिस मुठभेड़ में नफीस घायल हो गया था।
नफीस को पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ के दौरान फरार बाइक सवार उसके साथी की बृहस्पतिवार को तलाश की जाती रही, लेकिन वह नहीं मिला। उमेश पाल हत्याकांड में नफीस पर पुलिस ने कुछ दिन पहले ही 50 हजार का इनाम घोषित किया था। उमेश पाल की हत्या में प्रयुक्त क्रेटा कार नफीस की ही थी। उससे पूछताछ में अतीक गैंग के कई राज खुलने की उम्मीद है।
बुधवार की रात मुठभेड़ के बाद घायल नफीस को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया है। उसकी सुरक्षा में चार सिपाहियों और एक दरोगा को लगाया गया है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में नफीस का हालचाल जानने वाले पहुंचे, लेकिन पुलिस ने किसी को मिलने की इजाजत नहीं दी।
पुलिस ने घोषित किया था 50 हजार का इनाम
पुलिस का कहना है कि नफीस 50 हजार का इनामी है। बिना डॉक्टरों और कोर्ट की अनुमति के न तो उससे पूछताछ की जा सकती है और न ही उसे जेल भेजा जाएगा। डॉक्टरों की अनुमति के बाद ही उसे जेल भेजा जाएगा। अटाला के गुलाबबाड़ी का रहने वाला नफीस बिरयानी सिविल लाइंस के मशहूर ईट आन रेस्टोरेंट का मालिक है। हालांकि, रेस्टोरेंट अब बंद हो चुका है।
नफीस बिरयानी को उमेश पाल हत्याकांड में घटना के करीब छह माह बाद वांटेड घोषित किया गया था। उमेश की हत्या में प्रयुक्त क्रेटा कार नफीस की थी। घटना से कुछ समय पहले ही उसने अपनी एक रिश्तेदार रुखसार को यह कार बेच दी थी, लेकिन जांच में पता चला कि सब कुछ साजिश का हिस्सा था।
कार का इस्तेमाल नफीस ही कर रहा था
कार रुखसार के नाम होते हुए भी नफीस ही उसका इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह भी पता चला था कि नफीस अतीक गैंग के फाइनेंसर के तौर पर काम कर रहा था। अतीक के परिवार को ही नहीं उसके कई गुर्गों को भी नफीस आर्थिक मदद देता था। अशरफ के साथ मिलकर उसने कई धंधे शुरू किए थे। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
बुधवार की रात पता चला कि नफीस बिरयानी अपने एक साथी के साथ लखनऊ से बाइक से प्रयागराज आ रहा है। सटीक मुखबिरी पर नवाबगंज के आनापुर गांव में पुलिस चेकिंग लगाई गई। पुलिस को देखते ही नफीस और उसके साथी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई। हालांकि, उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। घायल नफीस को रात में ही एसआरएन अस्पताल लाया गया। इसके बाद से पुलिस की सुरक्षा में उसका उपचार किया जा रहा है।