Fraud : ठग ने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति का नाम लेकर विधायक से मांगी रकम, साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस
साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए नया-नया तरीका अपने रहे हैं। इस बार ठगों ने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का नाम लेकर देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को चपत लगाने का प्रयास किया।
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साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए नया-नया तरीका अपने रहे हैं। इस बार ठगों ने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का नाम लेकर देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को चपत लगाने का प्रयास किया। ठगों की पोल खुलने पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में गणेश प्रकाश ने बताया कि वह न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के निजी सचिव (पीएस) हैं। अधिवक्ता नितिन चंद्र मिश्रा ने न्यायमूर्ति को जानकारी दी कि देवरिया सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कहा कि, वह न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता बोल रहे हैं। वह किसी आपात स्थिति में फंसे हुए हैं। उनको कुछ पैसों की जरूरत है।
यह सुनते ही विधायक शलभ को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के अधिवक्ता नितिन चंद्र मिश्रा को इसकी जानकारी दी और फिर उन्होंनेे इस घटना के बारे में न्यायमूर्ति को सूचित किया। जांच करने पर पता चला कि यह न तो न्यायमूर्ति और ना ही उनके किसी जानकार का नंबर है। साथ ही उन्होंने किसी से पैसों के संबंध में बात नहीं की है। इस मोबाइल नंबर पर हाईकोर्ट का चित्र प्रोफाइल फोटो पर प्रदर्शित था। मामले का खुलासा होने पर पुलिस आयुक्त तरुण गाबा को इस संबंध में शिकायत दी गई। जिसके बाद साइबर थाने में अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करवाया है।
बदायूं के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को भी आई कॉल
शिकायत में बताया गया कि घटना के एक दिन पहले न्यायाधीश सौरभ लवानिया के निजी सचिव के मोबाइल नंबर पर बदायूं के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का फोन आया था। उन्होंने भी बताया कि किसी व्यक्ति ने खुद को न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता बताकर उनसे संपर्क करने का प्रयास किया था। उनको बताया गया कि न्यायमूर्ति की ओर से ऐसा कोई फोन नहीं किया गया था। लगातार दो दिन में दो घटनाएं सामने आने पर शिकायत दी गई है। वहीं, साइबर पुलिस अब ठग के मोबाइल फोन नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुट गई है।
मामला संज्ञान में आते ही साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के मोबाइल नंबर के आधार पर पहचान की जा रही है। जल्द ही मामले को सुलझाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - कुलदीप सिंह गुनावत, पुलिस उपायुक्त, साइबर