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तीन बच्चों समेत महिला ने जलकर की खुदकुशी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:51 AM IST
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बिटौर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेजा (इलाहाबाद)। यमुनापार के मेजा इलाके में शनिवार शाम दरी गांव में एक महिला ने अपने तीन बच्चों समेत आग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने दरवाजा बंदकर तीनों बच्चों को रस्सी से अपने साथ बांधा फिर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। आग और धुआं देख पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो एक बेटा तड़प रहा था जबकि महिला समेत दो बच्चों की जलकर मौत हो चुकी थी। तीसरे बेटे ने भी अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। महिला ने ऐसा घातक कदम क्यों उठाया? यह रहस्य बना है। मायकेवालों तथा मुंबई से पति के आने पर पुलिस उनसे बात करेगी।
दरी गांव में अहिरन का पूरा निवासी सुभाष गुप्ता अपने पिता रामकैलाश गुप्ता तथा भाई ननकऊ के साथ मुंबई में रहकर फैक्ट्री में नौकरी करता है। यहां गांव में सुभाष की मां विमला गुप्ता, भाई कल्लू के साथ उसकी पत्नी प्रेमकली (35), तीन बच्चे रामू (10), लक्ष्मी (4), श्यामू (2) संग रहती थी। बेटा रामू स्थानीय स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। शनिवार शाम चार बजे वह स्कूल से आया। तभी सुभाष की मां विमला खेतों की तरफ चली गई। भाई कल्लू भी पड़ोस में निकल गया। करीब पौने छह बजे उसकी पत्नी प्रेमकली ने तीनों बच्चों को कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद आसपास के लोगों ने घर से धुआं निकलते देखा और चीख सुनी तो सन्न रह गए। किसी तरह धक्का देकर दरवाजा तोड़ा गया तो कमरे में प्रेमकली और तीनों बच्चों समेत जली पड़ी थी। बड़े बेटे रामू की सांस चल रही थी जबकि उसकी मां और भाई-बहन की जलकर मौत हो चुकी थी। इसी बीच खबर पाकर मेजा थानाध्यक्ष तारकेश्वर राय भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे भी आ गए। रामू को उठाकर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। कमरे में काफी सामान भी जल गया था। पुलिस का अनुमान है कि प्रेमकली ने तीनों बच्चों को रस्सी से अपने साथ बांधने के बाद मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। इस वजह से सभी बच्चे उसके साथ ही जल गए। सीओ मेजा का कहना है कि मुंबई से पति और ससुर के आने पर उनसे इस घटना के बारे में बात की जाएगी कि प्रेमकली ने ऐसा क्यों किया।
क्यों की आत्महत्या, बना है यह रहस्य
इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रेमकली ने तीन बच्चों समेत जलकर आत्महत्या करने का दुखद फैसला क्यों किया? यह फिलहाल रहस्य बना है। आसपास के लोग भी कुछ नहीं बता सके। सास विमला का कहना है कि परिवार में कोई झगड़ा भी नहीं हुआ था। न प्रेमकली ने किसी परेशान का जिक्र किया। सुबह उसने खाना बनाया। सबने साथ खाया। शाम को वह खेतों की तरफ चली गई थी तभी प्रेमकली ने ऐसा किया। कोरांव के चंदापुर बड़ोखर में उसके मायके में भी सूचना दे दी गई है। खबर पाकर मुंबई से प्रेमकली के पति और ससुर भी इलाहाबाद रवाना हो गए। पुलिस को पता चला है कि प्रेमकली शादी के बाद कई साल से मायके नहीं गई है। ससुरालियों और मायके वालों में कुछ टशन थी। वजह के बारे में अभी नहीं पता चला है।
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दरी गांव में अहिरन का पूरा निवासी सुभाष गुप्ता अपने पिता रामकैलाश गुप्ता तथा भाई ननकऊ के साथ मुंबई में रहकर फैक्ट्री में नौकरी करता है। यहां गांव में सुभाष की मां विमला गुप्ता, भाई कल्लू के साथ उसकी पत्नी प्रेमकली (35), तीन बच्चे रामू (10), लक्ष्मी (4), श्यामू (2) संग रहती थी। बेटा रामू स्थानीय स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। शनिवार शाम चार बजे वह स्कूल से आया। तभी सुभाष की मां विमला खेतों की तरफ चली गई। भाई कल्लू भी पड़ोस में निकल गया। करीब पौने छह बजे उसकी पत्नी प्रेमकली ने तीनों बच्चों को कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद आसपास के लोगों ने घर से धुआं निकलते देखा और चीख सुनी तो सन्न रह गए। किसी तरह धक्का देकर दरवाजा तोड़ा गया तो कमरे में प्रेमकली और तीनों बच्चों समेत जली पड़ी थी। बड़े बेटे रामू की सांस चल रही थी जबकि उसकी मां और भाई-बहन की जलकर मौत हो चुकी थी। इसी बीच खबर पाकर मेजा थानाध्यक्ष तारकेश्वर राय भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे भी आ गए। रामू को उठाकर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। कमरे में काफी सामान भी जल गया था। पुलिस का अनुमान है कि प्रेमकली ने तीनों बच्चों को रस्सी से अपने साथ बांधने के बाद मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। इस वजह से सभी बच्चे उसके साथ ही जल गए। सीओ मेजा का कहना है कि मुंबई से पति और ससुर के आने पर उनसे इस घटना के बारे में बात की जाएगी कि प्रेमकली ने ऐसा क्यों किया।
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क्यों की आत्महत्या, बना है यह रहस्य
इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रेमकली ने तीन बच्चों समेत जलकर आत्महत्या करने का दुखद फैसला क्यों किया? यह फिलहाल रहस्य बना है। आसपास के लोग भी कुछ नहीं बता सके। सास विमला का कहना है कि परिवार में कोई झगड़ा भी नहीं हुआ था। न प्रेमकली ने किसी परेशान का जिक्र किया। सुबह उसने खाना बनाया। सबने साथ खाया। शाम को वह खेतों की तरफ चली गई थी तभी प्रेमकली ने ऐसा किया। कोरांव के चंदापुर बड़ोखर में उसके मायके में भी सूचना दे दी गई है। खबर पाकर मुंबई से प्रेमकली के पति और ससुर भी इलाहाबाद रवाना हो गए। पुलिस को पता चला है कि प्रेमकली शादी के बाद कई साल से मायके नहीं गई है। ससुरालियों और मायके वालों में कुछ टशन थी। वजह के बारे में अभी नहीं पता चला है।
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