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High Court : लगातार बकाया न चुकाने वालों को फिर से संपत्ति की लीज नहीं दी जाएगी, कोर्ट ने खारिज की याचिका
Wed, 30 Jul 2025 07:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 30 Jul 2025 07:09 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक बकाया न चुकाने वालों को संपत्ति की लीज दी जाती है तो भविष्य में अन्य पर इसका प्रभाव पड़ेगा। वह भी इसे आधार बनाकर भुगतान नहीं करेंगे कि उन्हें भी रियायत मिल जाएगी।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक बकाया न चुकाने वालों को संपत्ति की लीज दी जाती है तो भविष्य में अन्य पर इसका प्रभाव पड़ेगा। वह भी इसे आधार बनाकर भुगतान नहीं करेंगे कि उन्हें भी रियायत मिल जाएगी। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने वाराणसी की सविता शर्मा की ओर से लीज देने की मांग में दाखिल याचिका रद्द कर दी।
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वाराणसी की याची सविता को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने फल पकाने की औद्योगिक इकाई लगाने के लिए जमीन दी थी। जमीन मिलने के बाद भी उन्होंने लगभग 19.83 लाख रुपये का बकाया किस्त नहीं चुकाया। यूपीसीडा ने कई बार मौका दिया। यहां तक कि हाईकोर्ट के आदेश पर भी मोहलत मिली, फिर भी भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में यूपीसीडा ने लीज रद्द कर दी। लीज वापस पाने की अर्जी भी खारिज हो गई। इसके बाद याची ने लीज रद्द करने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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कोर्ट ने कहा कि लगातार बकाया भुगतान की चूक को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। यूपीसीडा की कार्रवाई न तो मनमानी है और न ही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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