अबकी रक्षाबंधन की मिठाइयों में ‘चीनी कम’, मिठाई की दुकानों पर दिखा सन्नाटा
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रक्षाबंधन के एक दिन पहले प्रशासन द्वारा मिठाई की दुकानों को खोलने की छूट जरूर दी गई, लेकिन यह कवायद कोई खास रंग नहीं ला सकी। सिविल लाइंस, कटरा, चौक, बहादुरगंज स्थित शहर की नामी मिठाई की दुकानों पर रविवार सुबह खासी चहल-पहल रही, लेकिन बाद में सन्नाटा पसर गया।
ऐसे में मिठाई व्यवसायियों के लिए इस रक्षाबंधन पर मिठाई में ‘चीनी कम’ रही। वहीं लोगों ने ज्यादा समय तक चलने वाली मिठाई ही खरीदी। हालांकि, कंटेनमेंट जोन में दुकान खुलने की अनुमति न मिलने से वहां के कारोबारी जरूर मायूस दिखे। एक अनुमान के मुताबिक रक्षाबंधन के एक दिन पहले 12 हजार से 15 हजार किलो तक मिठाई की बिक्री शहर में हुई।
पिछले कुछ सप्ताह से प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को हो रही बंदी की वजह से मिठाई कारोबारियों को शुक्रवार को ही जानकारी मिली कि रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व रविवार को वह अपनी दुकान खोल सकते हैं। सुबह नौ बजे के आसपास शहर में मिठाई की दुकान खुलनी शुरू हुई। सिविल लाइंस स्थित कामधेनु स्वीट्स में सुबह ही लोगों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान काजू बर्फी, मोतीचूर के लड्डू, सोहन पपड़ी, पतीसा, बालूशाही आदि को यहां लोगों ने ज्यादा खरीदा। कामधेनु स्वीट्स के इंदर मध्यान ने बताया कि प्रशासन के निर्देश के तहत रात आठ बजे दुकान बंद कर दी गई।
उधर, नेतराम स्वीट्स कटरा में भी ऐसी मिठाई ज्यादा बिकी जो जल्दी खराब नहीं होती। नेतराम के मयंक अग्रवाल ने बताया कि मेवा की मिठाई ज्यादा बिकी। इसके अलावा लोगों ने घेवर, मिल्ककेक, बेसल और मोतीचूर का लड्डू भी पसंद किया। भगवान दास प्रहलाद दास जीरोरोड के अंकित गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रक्षा बंधन के एक दिन पहले होने वाली मिठाई की बिक्री कम हुई। हालांकि सुबह और शाम को दुकान में ज्यादा चहल पहल देखने को मिली।