Railway : दिसंबर 2024 तक प्रयागराज से डीडीयू तक बिछ जाएगी तीसरी लाइन, महाकुंभ में दौडेगी एक हजार से अधिक ट्रेन
तीसरी लाइन निर्माण के प्रोजेक्ट को कुछ वर्ष पूर्व ही स्वीकृति मिली थी, लेकिन ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) की वजह यह कार्य अटका था। प्रयागराज में वर्ष 2025 में महाकुंभ मेले का आयोजन है। उस दौरान रेलवे द्वारा एक हजार से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाना है।
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रेलवे के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के तहत प्रयागराज जंक्शन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) तक तीसरी लाइन बनाए जाने का कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा। तकरीबन 150 किमी लंबी इस रेल लाइन के निर्माण पर 2649 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड भी 160 किमी प्रतिघंटा कर दी जाएगी।
तीसरी लाइन निर्माण के प्रोजेक्ट को कुछ वर्ष पूर्व ही स्वीकृति मिली थी, लेकिन ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) की वजह यह कार्य अटका था। प्रयागराज में वर्ष 2025 में महाकुंभ मेले का आयोजन है। उस दौरान रेलवे द्वारा एक हजार से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाना है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तय किया है कि दिसंबर 2024 तक यह कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
पहले चरण में छिवकी से करछना के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। यह कार्य सितंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। इसकी लंबाई दस किमी है। उसके बाद करछना से भीरपुर के बीच नौ किमी लंबी लाइन बिछाने का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा होगा। वहीं कैलहट से जिवनाथपुर तक 14 किमी लंबा ट्रैक फरवरी 24 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस दौरान मेजा रोड से पहले टोंस नदी पर एक पुल का भी निर्माण रेलवे द्वारा किया जाएगा। रेलवे की तैयारी है कि दिसंबर 2024 तक एनसीआर के दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा कर ली जाए। इस वजह से इस पूरे रूट की ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का भी काम पिछले वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया गया है।
प्रयागराज से डीडीयू के बीच तीसरी लाइन बिछाने का कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह काम शुरू किया जा चुका है। -सतीश कुमार, महाप्रबंधक, एनसीआर