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Prayagraj News: बिजली...कब आएगी-जाएगी, पता नहीं
Sat, 19 Sep 2026 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 19 Sep 2026 01:51 AM IST
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गंगापार में बिजली कटौती से ग्रामीण बेहाल हैं। पिछले एक पखवाड़े से अधिकारी अधिक लोड को इसका कारण बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार के 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कौड़िहार पावर स्टेशन से कई उपकेंद्रों को बिजली मिलती है। इनमें नवाबगंज, फतेहपुर कायस्थान, शृंग्वेरपुर, सेरांवा, लालगोपालगंज और होलागढ़ शामिल हैं। बीते एक पखवाड़े से इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है। सुबह से शाम तक बिजली आती-जाती रहती है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। लोगों को मुश्किल से 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। एक पखवाड़े बाद बृहस्पतिवार की रात लोगों को थोड़ी राहत मिली, जब उन्हें भरपूर नींद आई।
बिजली कटौती से किसान, मजदूर और छात्रों के सामने बड़ी समस्या है। रात में बिजली न होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई लोग बीमार भी पड़ रहे हैं।
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-अधिक लोड आने पर ट्रांसमिशन से बिजली आपूर्ति कनेक्शन का संदेश आता है। पहले से कुछ सुधार हुआ है। जल्द ही और सुधार की संभावना है। -जितेंद्र कुमार यादव उपखंड अधिकारी फाफामऊ
सिकंदरा उपकेंद्र के 85 गांवों में बिजली का संकट
बिजली उपकेंद्र सिकंदरा के 85 गांवों के उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। कटौती के चलते लोगों को 4 से 6 घंटे भी बिजली मिलना मुश्किल हो गया है। अंधेरी रात में जहां जीव जंतुओं का खतरा बढ़ा है वहीं बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। बिजली न आने से जल निगम के पंप भी ठप पड़े हैं। जिससे पीने का पानी भी लोगों को मुहैया नहीं हो पा रहा है।
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कौड़िहार पावर स्टेशन से कई उपकेंद्रों को बिजली मिलती है। इनमें नवाबगंज, फतेहपुर कायस्थान, शृंग्वेरपुर, सेरांवा, लालगोपालगंज और होलागढ़ शामिल हैं। बीते एक पखवाड़े से इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई है। सुबह से शाम तक बिजली आती-जाती रहती है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। लोगों को मुश्किल से 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। एक पखवाड़े बाद बृहस्पतिवार की रात लोगों को थोड़ी राहत मिली, जब उन्हें भरपूर नींद आई।
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बिजली कटौती से किसान, मजदूर और छात्रों के सामने बड़ी समस्या है। रात में बिजली न होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई लोग बीमार भी पड़ रहे हैं।
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-अधिक लोड आने पर ट्रांसमिशन से बिजली आपूर्ति कनेक्शन का संदेश आता है। पहले से कुछ सुधार हुआ है। जल्द ही और सुधार की संभावना है। -जितेंद्र कुमार यादव उपखंड अधिकारी फाफामऊ
सिकंदरा उपकेंद्र के 85 गांवों में बिजली का संकट
बिजली उपकेंद्र सिकंदरा के 85 गांवों के उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। कटौती के चलते लोगों को 4 से 6 घंटे भी बिजली मिलना मुश्किल हो गया है। अंधेरी रात में जहां जीव जंतुओं का खतरा बढ़ा है वहीं बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। बिजली न आने से जल निगम के पंप भी ठप पड़े हैं। जिससे पीने का पानी भी लोगों को मुहैया नहीं हो पा रहा है।