फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   There was a break on the studies of Raju, who recited the names of the districts with a shudder, the family struggling with financial constraints

Prayagraj : फर्राटे से जिलों का नाम सुनाने वाले राजू की पढ़ाई पर लगा ब्रेेक, आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार

Sat, 21 May 2022 11:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 May 2022 11:46 PM IST
सार

तीन साल पहले राजू जब हंडिया तहसील के टेला प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था, तब उसने बिना रुके और अटके शिक्षकों को प्रदेश के सभी 75 जिलों के नाम बताकर हैरत में डाल दिया था। हंडिया के टेला गांव निवासी भारत लाल प्रजापति के चार बेटों में राजू कनौजिया सबसे छोटा है।

विज्ञापन
There was a break on the studies of Raju, who recited the names of the districts with a shudder, the family struggling with financial constraints
Prayagraj News : राजू कन्नौजिया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश सरकार ने इस बार स्कूल चलो अभियान में पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इस अभियान से जिले की एक विलक्षण प्रतिभा वंचित रह गई। फर्राटे से प्रदेश के 75 जिलों का नाम सुनाने वाले राजू की पढ़ाई छूट गई। आर्थिक तंगी से घिरा राजू का परिवार तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उसके वीडियो को लाखों लाइक्स और कमेंट्स मिल रहे हैं। वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

विज्ञापन



तीन साल पहले राजू जब हंडिया तहसील के टेला प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था, तब उसने बिना रुके और अटके शिक्षकों को प्रदेश के सभी 75 जिलों के नाम बताकर हैरत में डाल दिया था। हंडिया के टेला गांव निवासी भारत लाल प्रजापति के चार बेटों में राजू कनौजिया सबसे छोटा है। परिवार को जानने वाले बताते हैं कि बाकी तीन भाइयों अंकित, अंकुश, सूरज के मुकाबले राजू में अतिरिक्त प्रतिभा है। तीन साल पहले राजू ने जब टेला प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के सामने प्रदेश के सभी 75 जिलों का नाम बिना रुके और भूले सुनाया था तो उसकी प्रतिभा देख हर कोई हैरान रह गया। 

विज्ञापन

यूट्यूब पर वायरल हुआ था वीडियो

उस वक्त किसी ने उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो किसी ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म यूट्यूब, फेसबुक आदि पर डाल दिया। इस पर  खूब लाइक और कमेंट मिले। सबने बच्चे की प्रतिभा और याददाश्त की तारीफ की। राजू ने कक्षा पांच तक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई की, लेकिन पिता की आर्थिक मजबूरियों के कारण वह आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सका। पिता भी परिवार सहित भरण-पोषण के लिए हरियाणा चले गए। वहां झज्जर जिले में ठेले पर घूमकर कपड़ा प्रेस करने लगे। दोनों बड़े बेटे एक कंपनी में मजदूरी करने लगे। राजू का एक सरकारी स्कूल में दाखिला कराया गया लेकिन वहां उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। 


पिता उसका दाखिला किसी अच्छे स्कूल में कराना चाहते थे, तभी बड़े भाई की तबीयत बिगड़ गई। उसके दोनों कूल्हों के आपरेशन की नौबत आ गई। बड़े भाई के इलाज का खर्च भी निकालना था, सो भारत लाल बेटे राजू का स्कूल में दाखिला नहीं करा सके। राजू के बड़े भाई अंकित ने बताया कि उसमें प्रतिभा तो बहुत है, लेकिन आर्थिक कारणों से किसी अच्छे स्कूल में उसका दाखिला नहीं हो पा रहा है। अब अगले सत्र में उसका दाखिला किसी स्कूल में कराने की सोच रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed