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Prayagraj News: इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत देश के कई उच्च शिक्षण संस्थानों पर आतंकी हमले की आशंका
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) समेत देश के कई उच्च शिक्षण संस्थानों पर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। आतंकी संगठन अपने स्थानीय समर्थकों की मदद से हमले को अंजाम दे सकते हैं। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस आशय का पत्र जारी कर सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र मिलने के बाद बुधवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस की संयुक्त बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह और पुलिस की ओर से एसीपी राजेश यादव ने बैठक कर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि इविवि की अपनी सुरक्षा व्यवस्था भी है और पुलिस से भी मदद ली जाएगी। परिसर में निगरानी बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध व्यक्तियों की विशेष रूप से निगरानी की जाएगी। पत्र में भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारियों व कर्मचारियों को न केवल कार्यालय में प्रवेश के समय, बल्कि कार्यालय भवन में रहने की अवधि के दौरान भी अपने पहचान-पत्र प्रदर्शित करने होंगे।
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पत्र के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही तोड़फोड़ की आशंका के मद्देनजर भौतिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रोटोकाल को मजबूत करने के लिए कहा गया है। क्या करें, क्या न करें इसके लिए सुरक्षा मैन्युअल भी बताया गया है। सुझाव दिए गए हैं कि नियमित या कभी-कभी प्रवेश या निकास के समय सभी कर्मचारियों व आगंतुकों के बैग और ब्रीफकेस की तलाशी ली जा सकती है।
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पत्र मिलने के बाद बुधवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस की संयुक्त बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह और पुलिस की ओर से एसीपी राजेश यादव ने बैठक कर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की।
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चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि इविवि की अपनी सुरक्षा व्यवस्था भी है और पुलिस से भी मदद ली जाएगी। परिसर में निगरानी बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध व्यक्तियों की विशेष रूप से निगरानी की जाएगी। पत्र में भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारियों व कर्मचारियों को न केवल कार्यालय में प्रवेश के समय, बल्कि कार्यालय भवन में रहने की अवधि के दौरान भी अपने पहचान-पत्र प्रदर्शित करने होंगे।
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पत्र के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही तोड़फोड़ की आशंका के मद्देनजर भौतिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रोटोकाल को मजबूत करने के लिए कहा गया है। क्या करें, क्या न करें इसके लिए सुरक्षा मैन्युअल भी बताया गया है। सुझाव दिए गए हैं कि नियमित या कभी-कभी प्रवेश या निकास के समय सभी कर्मचारियों व आगंतुकों के बैग और ब्रीफकेस की तलाशी ली जा सकती है।