करेली के गौसनगर में बुधवार को हुए बवाल के दौरान तीन घंटे तक गुरिल्ला युद्ध जैसे हालात रहे। चीखपुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों व सूचना मिलने पर आई पुलिस पर आरोपी आरिफ ने छत से तेजाब की बोतलें फेंकी। ईंट-पत्थर बरसाकर भी रास्ता रोकने की कोशिश की। इससे वहां अफरातफरी फैल गई। एक बजे शुरू हुआ बवाल लगभग चार बजे तक चलता रहा। इस दौरान आसपास के लोगों की सांसें अटकी रहीं।
स्थानीय निवासी महफूज ने बताया कि दोपहर के 12-12.30 बज रहे होंगे। अचानक कादिर भाई के घर में चीखपुकार की आवाजें आने लगीं। पहले आरिफ और फिर महिलाओं की आवाजें आईं। कुछ देर बाद कादिर के बड़े बेटे आजम व उसकी पत्नी के चीखने की आवाज आई। वह शोर मचाकर खुद को बचाने की गुहार लगा रहे थे। इस पर मोहल्ले के लोग जुट गए। पहुंचे तो मुख्य द्वार पर लगे चैनल में भीतर से ताला बंद मिला।
कुछ ही देर बाद घर से धुआं उठने लगा और भीतर चारों ओर आग फैलती दिखाई देने लगी। उन्होंने बताया कि मोहल्ले के कुछ युवकों ने चैनल में लगा ताला तोड़ना चाहा तो आरिफ ने तेजाब की बोतलें फेंकने लगा। तब तक पुलिस भी आ गई। पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो आरिफ ने उन पर भी तेजाब से हमला किया। छत से ईंट-पत्थर भी बरसाए जिससे पुलिस व मोहल्ले के लोगों के पीछे हटना पड़ा। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी फिर आगे बढ़े तो हमलावर ने दोबारा ऐसा ही किया। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा।
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आग से जलकर राख हुए वाहन और घर के अन्य सामान।
- फोटो : अमर उजाला
राख हो गई स्कूटी, साइकिल
तेजाब की बोतलें व पत्थर फेंकने के साथ-साथ आरोपी घर के सामान में तोड़फोड़ भी कर रहा था। पुलिस व स्थानीय लोग जैसे ही पीछे हटते, वह कमरे के भीतर जाकर तोड़फोड़ करने लग रहा था। जिसकी आवाजें भी भीतर से रह रहकर आ रही थीं। उधर आग फैलती ही जा रही थीं और इसकी चपेट में बरामदे में रखी स्कूटी व साइकिल भी आ गई।
इसी दौरान फायरब्रिगेड आ गई और पानी की बौछार फेंककर आग बुझाने की कोशिशें शुरू कीं। इससे आग तो बुझ गईं लेकिन आरोपी का पुलिस व स्थानीय लाेंगो पर हमला जारी था। हालांकि इसी दौरान दूसरे गेट से पुलिस की एक टीम घर के भीतर दाखिल हुई और कमरे में फंसे आजम, उसकी पत्नी व दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग की चपेट में आने से वह मामूली रूप से झुलसे भी थे। उधर अचेत पड़े रिटायर कानूनगो को भी पत्नी-बेटे समेत बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
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मां और बहन की हत्या का आरोपी आरिफ। पुलिस को पकड़ने में छूटे पसीने।
- फोटो : अमर उजाला
आंखों में जलन होने पर हुआ पस्त, खुद आया बाहर
कोई रास्ता न देख पुलिस की ओर से आंसू गैस व मिर्ची बम छोड़ने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पहले घर के आसपास जमा स्थानीय लोगों को हटाया गया। इसके बाद आंसू गैस का गोला व मिर्ची बम घर के भीतर दागा गया। इसके चलते आंखों में तेज जलन हुई और तब जाकर आरोपी पस्त पड़ा। इसके बाद उसने बाहर निकलकर भागने की कोशिश की जिस पर उसे पुलिसकर्मियों ने दबोच लिया। इसके बाद उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। तब जाकर पुलिस अफसरों के साथ ही स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली।
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घटना के बारे में जानकारी देते परिजन और स्थानीय नागरिक।
- फोटो : अमर उजाला
बंद कर दिया था भीतर से ताला
आजम ने बताया कि उसका भाई पहले से प्लानिंग करके बैठा था। यही वजह है कि उसने हमला करने से पहले घर से बाहर निकलने वाले सभी रास्ताें के दरवाजों पर ताला लगा दिया था। बाद में पुलिस के आने पर उन्हें किसी तरह ताला तोड़कर बाहर निकाला गया।
तेजाब की बोतलों का जखीरा मिला
आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने घर के भीतर पहुंचकर तलाशी ली तो एक कमरे में तेजाब की बोतलों का जखीरा मिला। इन्हीं तेजाब की बोतलों से पुलिस व स्थानीय लोगों पर हमला किया गया। आजम से पूछा गया तो उसने इस संबंध में कोई जानकारी होने से इंकार किया। यह भी बताया कि उसका छोटा भाई किसी को भी, यहां तक कि मां-बाप को भी अपने कमरे में नहीं जाने देता था। उसका यह भी आरोप है कि तेजाब की बोतलों का जखीरा मिलने से यह साफ है कि आरिफ बहुत दिनों से इस घटना की प्लानिंग में जुटा था।