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उलेमाओं ने की ईद पर घरों से न निकलने की ताकीद
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माहे रमजान के 30 रोजे मुकम्मल होने पर रविवार को उलेमाओं ने बारगाहे रब्बुल इज्जत में शुक्र का सजदा करते हुए कौमों मिल्लत से ईद पर घरों में ही नमाज अदा करने की अपील की। कहा, जैसे माहे रमजान में पांचों वक़्त की नमाज तिलावत, तरावीह और शबे कद्र के आमाल पर मस्जिदों को वीरान रख कर घरों में रहे, वैसे ही ईद के रोज भी अपने अपने घरों में रहें।
शिया सुन्नी इतेहाद कमेटी के किताब अली, सामाजिक व धार्मिक संस्था उम्मुल बनीन सोसाइटी के महासचिव सैयद मोहम्मद अस्करी, अंजुमन गुंचा ए क़ासिमया के महासचिव मिर्जा अजादार हुसैन, मस्जिद क़ाजी साहब बख्शी बाजार के मोतवल्ली शाहरुख काजी, बड़ी करबला चकिया के मोतावल्ली असग़र अब्बास, शेरु भाई, मस्जिद दायरा शाह अजमल के सज्जादा नशीन जर्रार फाखरी, मस्जिद ए नूर के आगा अली कासिम, मस्जिद ए बीबी खदीजा करैली के हसन आमिर, मस्जिद इमाम रजा के हसन नकवी, अन्जुमन नकविया के रौनक सफीपुरी, मस्जिद ए मोहम्मदी के इतरत नकवी, बैतुस्सलात के हसन आबिस, मदरसा अनवारुल ऊलूम के मौलाना जव्वाद हैदर जूदी, शिया जामा मस्जिद चक के पेश इमाम मौलाना हसन रजा जैदी, शाह वसी उल्ला के पेश इमाम अहमद मकीन ने सभी से अपने अपने घरों में रहने और ईद की नमाज अदा करने के साथ सड़कों पर भीड़ के रुप में न निकलने की ताकीद की है।
छोटी उम्र, बडा़ काम: महज आठ वर्ष की उम्र में पूरे रमजान रखा रोजा
रॉबिनहुड कॉनवेन्ट स्कूल की चौथी कक्षा की कुलसुम जाफरी ने महज आठ वर्ष की उम्र में तीसों रोजे रख कर बड़ों के लिए नजीर पेश की है। दायरा शाह अजमल के शबीह अब्बास जाफरी की बेटी वैसे तो छह वर्ष की उम्र से रोजा रख रही हैं, लेकिन इस वर्ष भीषण गर्मी में माहे रमजान का तीस रोजा मुकम्मल करने के साथ पांच वक़्त की नमाज, शबे कद्र का आमाल भी अंजाम देकर तमाम आलिमे इंसानियत को कोरोना महामारी से निजात को दुआ भी की।
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शिया सुन्नी इतेहाद कमेटी के किताब अली, सामाजिक व धार्मिक संस्था उम्मुल बनीन सोसाइटी के महासचिव सैयद मोहम्मद अस्करी, अंजुमन गुंचा ए क़ासिमया के महासचिव मिर्जा अजादार हुसैन, मस्जिद क़ाजी साहब बख्शी बाजार के मोतवल्ली शाहरुख काजी, बड़ी करबला चकिया के मोतावल्ली असग़र अब्बास, शेरु भाई, मस्जिद दायरा शाह अजमल के सज्जादा नशीन जर्रार फाखरी, मस्जिद ए नूर के आगा अली कासिम, मस्जिद ए बीबी खदीजा करैली के हसन आमिर, मस्जिद इमाम रजा के हसन नकवी, अन्जुमन नकविया के रौनक सफीपुरी, मस्जिद ए मोहम्मदी के इतरत नकवी, बैतुस्सलात के हसन आबिस, मदरसा अनवारुल ऊलूम के मौलाना जव्वाद हैदर जूदी, शिया जामा मस्जिद चक के पेश इमाम मौलाना हसन रजा जैदी, शाह वसी उल्ला के पेश इमाम अहमद मकीन ने सभी से अपने अपने घरों में रहने और ईद की नमाज अदा करने के साथ सड़कों पर भीड़ के रुप में न निकलने की ताकीद की है।
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छोटी उम्र, बडा़ काम: महज आठ वर्ष की उम्र में पूरे रमजान रखा रोजा
रॉबिनहुड कॉनवेन्ट स्कूल की चौथी कक्षा की कुलसुम जाफरी ने महज आठ वर्ष की उम्र में तीसों रोजे रख कर बड़ों के लिए नजीर पेश की है। दायरा शाह अजमल के शबीह अब्बास जाफरी की बेटी वैसे तो छह वर्ष की उम्र से रोजा रख रही हैं, लेकिन इस वर्ष भीषण गर्मी में माहे रमजान का तीस रोजा मुकम्मल करने के साथ पांच वक़्त की नमाज, शबे कद्र का आमाल भी अंजाम देकर तमाम आलिमे इंसानियत को कोरोना महामारी से निजात को दुआ भी की।
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