{"_id":"5e975c8b8ebc3e72c16a9b3c","slug":"the-smc-school-administration-did-the-5-teachers-out-of-service-city-news-ald2734374178","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज: लॉकडाउन के बीच स्कूल से निकाले गए पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज: लॉकडाउन के बीच स्कूल से निकाले गए पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं
Thu, 16 Apr 2020 03:44 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2020 03:44 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
कोरोना वायरस के खतरे के बीच पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन के दौरान एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि किसी को नौकरी से न हटाया जाए, वहीं दूसरी ओर प्रयागराज के सेंट मैरी कॉन्वेंट (एसएमसी) स्कूल में एक साथ पांच शिक्षक-शिक्षिकाओं को नौकरी से हटा दिया गया है।
विज्ञापन
इन शिक्षकों के सामने लॉकडाउन के समय अपनी आजीविका चलाना कठिन हो गया है। नौकरी से हटाए गए शिक्षकों में तीन, पांच और सात वर्षों से स्कूल में सेवा करने वाले भी शामिल हैं। नौकरी से हटाए गए इन शिक्षकों ने बताया कि उन्हें हटाए जाने से पहले स्कूल प्रशासन की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया, जबकि नियुक्ति के समय उनकी सेवा शर्त में शामिल है कि एक महीने पूर्व नोटिस देने के बाद ही उन्हें सेवा से हटाया जा सकता है।
विज्ञापन
शिक्षिकाओं ने बातचीत के दौरान बताया कि स्कूल की प्रधानाचार्या की ओर से मौखिक रूप से शिक्षण ठीक नहीं होने की बात कहकर हटाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल को अपने शिक्षकों को परखने में पांच से सात वर्ष का समय कैसे लग गया।
विज्ञापन
इन शिक्षकों ने आरोप लगाया कि दो वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद उनका प्रोबेशन हर बार बढ़ा दिया जाता रहा। अब प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद स्कूल को उन्हें स्थायी नियुक्ति देनी पड़ती, इससे उन्हें वेतन अधिक देने के साथ पीएफ का भी भुगतान करना पड़ता, इस कारण से स्कूल प्रबंधन ने उन्हें हटा दिया।
उनके साथ के ही कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो स्कूल की ओर से बदले नियम और शर्त के आधार पर काम करने को तैयार थे, उन्हें पीएफ न लेने की शर्त पर दोबारा नौकरी में रख लिया गया। शिक्षकों का आरोप है कि विद्यालय में बड़ी संख्या में शिक्षक बिना पीएफ के काम कर रहे हैं। शहर के ऐसे कई स्कूल हैं जहां शिक्षकों को कम पैसे में रखकर प्रोबेशन पूरा होने से कुछ पहले निकाल दिया जाता है।
प्रिंसिपल ने नहीं दिया कोई जवाब
इस संबंध में सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर ज्योति के मोबाइल पर लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। उनके मोबाइल पर व्हाट्स मैसेज भेजकर शिक्षक-शिक्षिकाओं के हटाने के संबंध में पूछा गया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला।
प्रिंसिपल ने नहीं दिया कोई जवाब
इस संबंध में सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर ज्योति के मोबाइल पर लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। उनके मोबाइल पर व्हाट्स मैसेज भेजकर शिक्षक-शिक्षिकाओं के हटाने के संबंध में पूछा गया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला।