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पीएसी बैंड के साथ 19 दिव्यांग जोड़ों की बग्घियों पर निकली बारात,पीले हुए हाथ
Tue, 25 Feb 2020 01:33 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 25 Feb 2020 01:33 AM IST
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prayagraj news
- फोटो : prayagraj
दिव्यांगों की जिंदगी में उजाले की कोशिश सोमवार को अनुकरणीय बन गई। 19 दिव्यांग जोड़ों की जब बग्घियों पर सजधज कर बारात निकली तो लोग देखते रह गए। एक ही मंडप में पुरोहित ने सिंदूर दान भी कराया और मुतवल्ली ने कलामपाक पढ़कर निकाह की रस्म पूरी कराई। बतौर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने इस आयोजन की सराहना की। 15 दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल पर फेरी वाली दुकान भी वितरित की गई। स्वराज विकलांग सेवा समिति एवं लोक सेवा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में यह 13वां विकलांग स्वाभिमान सम्मान, पुनर्वास एवं सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था।
दीप प्रज्जवलन के साथ समारोह आरंभ हुआ। किन्नर अखाड़े की प्रयाग पीठाधीश्वर टीना मां ने दिव्यांग जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद धूम-धाम से शादियां कराई गईं। स्वामी श्रीप्रकाश ने हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति से विवाह कराया तो, एक मुस्लिम जोड़े का निकाह मुहम्म्मद हब्रीश रजा मिसबाही ने कलामपाक पढ़कर कराया। सबसे आकर्षण का केंद्र बौनी-बौना धर्मेंद्र कुमार संग मंजू का जोड़ा रहा।
घोड़ा-बग्घी और पीएसी बैंड बाजे की धुन पर नाचते-गाते बारात निकली। हाईकोर्ट की अपर स्थाई अधिवक्ता सुभाष राठी के नेतृत्व में डॉ स्वीटी मौर्या, डॉ अर्चना सिंह, विनोद अरोड़ा, नीता मिश्रा, मधु यादव, कांता चोपड़ा, सिद्धी रानी, फरीदा परवीन, अनुराधा, शालिनी विश्वकर्मा, मेमुना फातिमा, जिया यादव, संध्या शुक्ला के अलावा सामाजिक एकता परिषद के सैकड़ों भाई-बहनों के समूह बारात में शामिल हुए। राजर्षि टंडन सेवा केंद्र पहुंचने पर बारातियों का स्वागत समारोह के संयोजक नारायण यादव, अजीत विक्रम सिंह, कुलदीप, डॉ चंद्रशेखर, मनोज कुमार पांडेय मनोज केसरवानी, घनश्याम मास्टर, जावेद सिद्दीकी ने किया।
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विवाह के बाद दुल्हनों को बेड, विस्तर, बर्तन सेट, आलमारी, सिलाई मशीन समेत अन्य वस्तुएं उपहार में दी गई। समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 15 दिव्यांगों को रोजगार के लिए ट्राई साइकिल पर चालित दुकान का वितरण किया गया। अध्यक्षता लोक सेवा मंडल के राजकुमार चोपड़ा ने की। संचालन गांधी अकादमिक संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश शुक्ल ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन अवनीश चंद्र मिश्र, राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ की प्रो शकुंतला मिश्रा ने किया। डॉ सतीश कुमार राठी, संगम लाल तिवारी कर्मचारी नेता, भैरो प्रसाद, अंसार अहमद, बलदेव, सृजन सिंह, दूधनाथ, राजेंद्र बाबू केसरवानी, ओपी सिंह, अशोक दुबे, सुनील कुमार, सचिन सिंह, विनीता, मंगला प्रसाद, कौशलेंद्र, हरजीत सिंह, मोहम्मद हसीब, विमल किशोर, सलीम, सागीर, विजय सिंह, आनंद घिल्ड़ियाल, कमलेश दादा, शिव सेवक, चंद्रभूषण, आशीष द्विवेदी, जावेद सिद्दीकी, धीरेंद्र कुमार, शाहू, कपिल त्रिपाठी, माता प्रसाद, उमेश चंद्र यादव, हरीश, संध्या यादव, संतोषी सिंह, रिया रावत, ममता यादव, उमा श्रीवास्तव उपस्थित थे।
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दीप प्रज्जवलन के साथ समारोह आरंभ हुआ। किन्नर अखाड़े की प्रयाग पीठाधीश्वर टीना मां ने दिव्यांग जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद धूम-धाम से शादियां कराई गईं। स्वामी श्रीप्रकाश ने हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति से विवाह कराया तो, एक मुस्लिम जोड़े का निकाह मुहम्म्मद हब्रीश रजा मिसबाही ने कलामपाक पढ़कर कराया। सबसे आकर्षण का केंद्र बौनी-बौना धर्मेंद्र कुमार संग मंजू का जोड़ा रहा।
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घोड़ा-बग्घी और पीएसी बैंड बाजे की धुन पर नाचते-गाते बारात निकली। हाईकोर्ट की अपर स्थाई अधिवक्ता सुभाष राठी के नेतृत्व में डॉ स्वीटी मौर्या, डॉ अर्चना सिंह, विनोद अरोड़ा, नीता मिश्रा, मधु यादव, कांता चोपड़ा, सिद्धी रानी, फरीदा परवीन, अनुराधा, शालिनी विश्वकर्मा, मेमुना फातिमा, जिया यादव, संध्या शुक्ला के अलावा सामाजिक एकता परिषद के सैकड़ों भाई-बहनों के समूह बारात में शामिल हुए। राजर्षि टंडन सेवा केंद्र पहुंचने पर बारातियों का स्वागत समारोह के संयोजक नारायण यादव, अजीत विक्रम सिंह, कुलदीप, डॉ चंद्रशेखर, मनोज कुमार पांडेय मनोज केसरवानी, घनश्याम मास्टर, जावेद सिद्दीकी ने किया।
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विवाह के बाद दुल्हनों को बेड, विस्तर, बर्तन सेट, आलमारी, सिलाई मशीन समेत अन्य वस्तुएं उपहार में दी गई। समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 15 दिव्यांगों को रोजगार के लिए ट्राई साइकिल पर चालित दुकान का वितरण किया गया। अध्यक्षता लोक सेवा मंडल के राजकुमार चोपड़ा ने की। संचालन गांधी अकादमिक संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश शुक्ल ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन अवनीश चंद्र मिश्र, राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ की प्रो शकुंतला मिश्रा ने किया। डॉ सतीश कुमार राठी, संगम लाल तिवारी कर्मचारी नेता, भैरो प्रसाद, अंसार अहमद, बलदेव, सृजन सिंह, दूधनाथ, राजेंद्र बाबू केसरवानी, ओपी सिंह, अशोक दुबे, सुनील कुमार, सचिन सिंह, विनीता, मंगला प्रसाद, कौशलेंद्र, हरजीत सिंह, मोहम्मद हसीब, विमल किशोर, सलीम, सागीर, विजय सिंह, आनंद घिल्ड़ियाल, कमलेश दादा, शिव सेवक, चंद्रभूषण, आशीष द्विवेदी, जावेद सिद्दीकी, धीरेंद्र कुमार, शाहू, कपिल त्रिपाठी, माता प्रसाद, उमेश चंद्र यादव, हरीश, संध्या यादव, संतोषी सिंह, रिया रावत, ममता यादव, उमा श्रीवास्तव उपस्थित थे।