फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The priests called the struggle with the saints on the black water

काले जल पर संतों संग तीर्थ पुरोहितों ने किया संघर्ष का आह्वान

Sat, 09 Jan 2021 01:20 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 09 Jan 2021 01:20 AM IST
विज्ञापन
The priests called the struggle with the saints on the black water
prayagraj news : माघ मेला शुरू होने से पहले काला पड़ा गंगाजल। - फोटो : prayagraj
काले गंगाजल पर मचे घमासान के बीच शुक्रवार को संतों के साथ तीर्थपुरोहितों ने भी संघर्ष का एलान कर दिया। उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों ने माघ मेले में कल्पवासियों-संतों के लिए निर्मल गंगा की धारा उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात की कोशिश की गई, लेकिन कोरोना संक्रमण की चपेट में आने की वजह से वह नहीं मिल सके। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री महंत हरि गिरि अब इस मसले पर शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलकर बात करेंगे, ताकि बांधों से पर्याप्त जल छोड़ा जा सके।
विज्ञापन


तीर्थपुरोहितों ने कहा कि माघ मेला में कल्पवासियों को निर्मल गंगा जल नहीं मिला तो संगम की रेती पर ही संघर्ष शुरू कर दिया जाएगा। उधर, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले में निर्मल गंगा की धारा मुहैया कराने के लिए अफसरों को निर्देशित किया था। इस दिशा में समय रहते अफसरों को काम करना चाहिए। जबकि, महामंत्री महंत हरि गिरि ने बताया कि गंगा जल के मसले पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह कोविड-19 संक्रमण की वजह से नहीं मिल सके। उत्तराखंड के सीएम से शनिवार को परिषद के अध्यक्ष के साथ मिलने के लिए वह जाएंगे और निर्मल गंगा की धारा पर वार्ता की जाएगी।  
विज्ञापन

प्रयागवाल सभा ने भी निर्मल गंगा के लिए उठाई आवाज

तीर्थपुरोहितों की संस्था प्रयागवाल सभा ने शुक्रवार को माघ मेले में अविरल-निर्मल गंगा की धारा के लिए संघर्ष का आह्वान किया। प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र मिश्र ने कहा कि आखिर मकर संक्रांति पर्व से पहले जब देश-दुनिया के संत-भक्त प्रयागराज के संगम का रुख करते हैं, तभी क्यों गंगा का जल प्रदूषित हो जाता है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बावजूद अफसरों ने न तो नालों को बंद कराया और ना ही कारखानों के गंदे कचरे का निस्तारण ही रोका गया। उन्होंने कहा कि निर्मल गंगा के सवाल पर लड़ाई में साधु-संतों के साथ तीर्थपुरोहित भी हर कदम साथ खड़े रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed