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तीर्थपुरोहितों की भूमि पर संस्थाओं का कब्जा,मेला प्रशासन ने रोका काम
Sat, 09 Jan 2021 01:36 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 09 Jan 2021 01:36 AM IST
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prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
- फोटो : prayagraj
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तीर्थपुरोहितों की भूमि पर वेंडिंग जोन की योजना के बाद अब अवैध कब्जा को लेकर रार मच गई है। त्रिवेणी मार्ग के अलावा अपर-संगम मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक संस्थाओं की ओर से तीर्थपुरोहितों की भूमि कब्जा कर ली गई है। बवाल की आशंका पर शुक्रवार को मेला प्रशासन ने अन्नक्षेत्र चलाने वाली तीन बड़ी संस्थाओं का काम रोकवा दिया। इससे हड़कंप की स्थिति बनी रही। प्रशासन ने संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अवैध कब्जा छोड़ने के लिए कहा है, ताकि वहां पुरोहितों को बसाकर विवाद की स्थिति से पार पाया जा सके।
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माघ मेला में सबसे बड़े समूह में बसने वाले तीर्थपुरोहितों को शुक्रवार को मोरी मार्ग पर 85 बीघा भूमि आवंटित की गई। इस दौरान प्लाट कब्जा को लेकर कई जगह तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई। हालांकि मेला प्रशासन के अधिकारियों और प्रयागवाल सभा के पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला सुलझा लिया गया। इस बीच अपर-संगम मार्ग पर तीर्थपुरोहितों की भूमि का बड़ा हिस्सा कब्जा करने का आरोप लगाया गया। मेला प्रशासन से शिकायत की गई कि सेक्टर-दो में अपर-संगम मार्ग पर रामहर्ष चरित कुंज संस्था को 70 फीट जमीन आवंटित की गई है, जबकि 110 फीट भूमि पर कब्जा कर लिया गया है।
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prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
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इसी तरह लंगर चलाने वाली संस्था वाहे गुरु और ओम नम: शिवाय के पदाधिकारियों ने भी टिन घेरा बढ़ाकर तीर्थपुरोहितों की भूम कब्जा कर ली। जानकारी मिलने पर सबसे पहले सेक्टर सुपरवाइजर रमेश चंद्र ओझा ने मौके पर पहुंचकर तीनों संस्थाओं का काम रोकवा दिया। साथ ही हिदायत दी गई कि अवैध कब्जा छोड़ दिया जाए। इसके बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट इंद्रजीत यादव ने भी तीनों संस्थाओं की आवंटित भूमि की स्थिति का मुआयना किया और अवैध कब्जा छोड़ने की हिदायत दी।