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एक ही दिन में प्रशासन ने तैयार कर ली योजना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:21 AM IST
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मंडलायुक्त ने की बैठक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मेजा, कोरांव, बारा तहसील सहित यमुनापार का बड़ा हिस्सा सूखे की चपेट में है और प्रशासन के पास इससे निपटने के लए कोई ठोस कार्ययोजना तक नहीं। इस बाबत ‘अमर उजाला’ के 12 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम संजय कुमार ने आपात बैठक बुलाई और इसके बाद प्रशासन ने एक ही दिन में सूखे से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली। डीएम ने यमुनापार में सूखा राहत के मद्देनजर तमाम दिशा-निर्देश दिए और रोज खुद इसकी मॉनीटरिंग करने को कहा। उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व राम सहाय यादव को नोडल अफसर नियुक्त किया है। एडीएम ने मंगलवार को कोरांव क्षेत्र में निरीक्षण कर सूखे से बदतर हुए हालात का जायजा लिया।
सूखे से निपटने क लिए हर साल 30 अप्रैल तक कार्ययोजना तैयार की जाती है लेकिन मंगलवार को बैठक कर डीएम ने 30 अप्रैल तक कार्ययोजना को जमीनी तौर पर लागू करने का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने यमुनापार के सूखा प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर तत्काल भेजे जाने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अफसरों से कहा कि नहरों को चलवाकर उनके कमांड एरिया में आने वाले सभी तालाबों को भरवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। अधिशासी अभियंता नलकूप को निर्देश दिया कि जहां सरकारी तालाबों को सरकारी नहरों एवं नलकूपों से न भरवाया जा सके, वहां ग्राम पंचायतों के सहायोग से निजी नलकूपों का इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने सीएमओ को सूखाग्रस्त एवं पेयजल की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में जीवन रक्षक दवाओं एवं चिकित्सकों की चौबीस घंटे उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे एवं चारे की व्यवस्था करने को कहा। डीएम ने कहा कि पेयजल संकट वाले इलाकों में एसडीएम एवं संबंधित बीडीओ अपने-अपने क्षेत्राधिकार में प्रभावित इलाकों में टैंकर पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। अधिशासी अभियंता जल निगम पर्याप्त संख्या में टैंकर उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने पेयजल संकट से निपटने के लिए एनटीपीसी बारा क्षेत्र के क्रेशर मालिकों, स्वयं सेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं संपन्न लोगों से भी टैंकर उपलब्ध कराने में सहयोग लेने के लिए कहा। डीएम ने कहा कि चेताया कि अफसरों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सूखे से निपटने क लिए हर साल 30 अप्रैल तक कार्ययोजना तैयार की जाती है लेकिन मंगलवार को बैठक कर डीएम ने 30 अप्रैल तक कार्ययोजना को जमीनी तौर पर लागू करने का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने यमुनापार के सूखा प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर तत्काल भेजे जाने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अफसरों से कहा कि नहरों को चलवाकर उनके कमांड एरिया में आने वाले सभी तालाबों को भरवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। अधिशासी अभियंता नलकूप को निर्देश दिया कि जहां सरकारी तालाबों को सरकारी नहरों एवं नलकूपों से न भरवाया जा सके, वहां ग्राम पंचायतों के सहायोग से निजी नलकूपों का इस्तेमाल किया जाए।
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उन्होंने सीएमओ को सूखाग्रस्त एवं पेयजल की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में जीवन रक्षक दवाओं एवं चिकित्सकों की चौबीस घंटे उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे एवं चारे की व्यवस्था करने को कहा। डीएम ने कहा कि पेयजल संकट वाले इलाकों में एसडीएम एवं संबंधित बीडीओ अपने-अपने क्षेत्राधिकार में प्रभावित इलाकों में टैंकर पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। अधिशासी अभियंता जल निगम पर्याप्त संख्या में टैंकर उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने पेयजल संकट से निपटने के लिए एनटीपीसी बारा क्षेत्र के क्रेशर मालिकों, स्वयं सेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं संपन्न लोगों से भी टैंकर उपलब्ध कराने में सहयोग लेने के लिए कहा। डीएम ने कहा कि चेताया कि अफसरों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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