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अवधि बीती, न पुल बन सके न सड़कें

Tue, 10 Dec 2019 02:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:39 AM IST
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The period passed, neither the pontoon bridge could be built nor the checkered plates laid.
प्रयागराज। माघ मेले के लिए संगम पर तंबुओं की नगरी बसाने के लिए 12 दिसंबर से भूमि आवंटन आरंभ हो जाएगा, लेकिन अभी तक न रास्ते बन सके हैं न पांटून पुल। 10 दिसंबर तक चकर्ड प्लेट की सड़कें और गंगा पर पांटून पुल बनाने की तिथि तय की गई थी, लेकिन काम पिछड़ गया है। पांच सेक्टर में बसने वाले मेले को जोड़ने के लिए अभी हर जगह अस्थाई मार्गों का निर्माण कराया जाना बाकी है।
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भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने से दो दिन पहले मंगलवार तक तीन पुलों का निर्माण अधूरा पड़ा रहा। काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग और महावीर मार्ग पांटून पुल को पूरा कराने में समय लगने की बात कही जा रही है। संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद सूखी रेत और दलद केचलते पांटून जोड़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, माघ मेला केपांच सेक्टरों को जोड़ने के लिए 73 किमी चकर्ड प्लेट सड़कों का भी निर्माण भी बेहद धीमी गति से हो रहा है। रेत डालकर जगह-जगह दलदल भरे जा रहे हैं। सेक्टरवाइज मेला क्षेत्र को सुगम यातायात से जोड़ने के लिए मोरी मार्ग से लेकर अरैल के बीच में 16 सड़कें बनाई जानी है। इसके लिए कुल 60 हजार चकर्ड प्लेट बिछाई जानी है, लेकिन अभी तक 15 हजार से कम चकर्ड प्लेट स्टोर से दी जा सकी है। इन चकर्ड प्लेटों को भी अभी बिछाया जाना बाकी है। ऐसे में पांच दिन में 45 हजार चकर्ड प्लेट माघ मेले के निर्धारित मार्गों पर बिछाना मुश्किल काम माना जा रहा है।
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