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Prayagraj News: रोजा और तरावीह के साथ शुरू हुआ इबादतों का दौर
Thu, 19 Feb 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 19 Feb 2026 01:37 AM IST
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रमजान को इस्लामी महीनों में सबसे पाक माह माना जाता है। चांद नमूदार होने के बाद बुधवार से तरावीह व बृहस्पतिवार को पहला रोजा के साथ इबादतों का दौर शुरू हो गया। रमजान के इबादत को दस-दस दिनों के तीन अशरे में तकसीम किया गया है। इस पाक महीने में इबादत करने पर नेकियों का दायरा भी कई गुना बढ़ा दिया जाता है।
अधिकांश मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज के लिए नियुक्त किए गए हाफिज-ए-कुरान द्वारा डेढ़ से दो सिपारा कुरान की तिलावत की गई है। बृहस्पतिवार को पहले रोजे के साथ ही पहले अशरा रहमत की शुरुआत हो गई। मौलाना मोहम्मद वसीम मज़ाहिरी के अनुसार हर बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर रमजान के रोजे रखना फर्ज है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नवां व सबसे पाकीजा महीना है। इसी पाक महीने में अल्लाह ने अपने आखिरी पैगंबर मोहम्मद साहब पर क़ुरआन का नुजूल किया।
एक नेकी के बदले मिलता है 70 नेकियों का सवाब
मौलाना हफीजुर्रहमान कासमी के अनुसार रमजान की इबादत दस दस दिनों के तीन अशरों में बांटा गया है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम से निजात का अशरा होता है। इस महीने में की गई नेकियों का अजर बढ़ा दिया जाता है और अल्लाह रब्बुल इज्जत एक नेकी के बदले 70 नेकियों का सवाब देता है।
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मौलाना मोहम्मद वसीम कहते हैं कि रमजान महीने की पाकीजगी व बेशकीमती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अल्लाह इस महीने शैतानों को जंजीरों में जकड़ कर जहन्नुम के दरवाजे बंद कर देता है और जन्नत के दरवाजे नेक बंदों के लिए खोल देता है।
शांति से मनाएं रमजान, लाउडस्पीकर का कम प्रयोग करें : मौलाना मुफ्ती हबीबुर्रहमान
रमजान के पाक महीने को अमन शांति से मनाएं। जहां तक हो सके लाउडस्पीकर का कम प्रयोग करें। उक्त बातें ईदगाह के पेश इमाम मुफ्ती हबीबुर्रहमान कासमी ने एक ऑडियो जारी करते हुए कही। मौलाना ने कहा कि नमाज की पाबंदी कायम करते हुए तरावीह की नमाज अदा करें।
रमजान का दिखा चांद पढ़ी जाएगी तरावीह
बुधवार की शाम को रमजान मुबारक का चांद तस्दीक होने के बाद नमाज इशा में तरावीह पढ़ी जाएगी। इसके साथ एक माह तक चलने वाला रमजान में रोजा रखा जाएगा। मुस्लिम बस्तियों में खूब चहल पहल एवं रौनक पूरे एक महीने रहेगी। शहरी के साथ शाम मगरिब में इफ्तार का किया जाता है।
चांद की तस्दीक, आज से शुरू होगा रोजा
बुधवार को चांद दिखते ही मुस्लिम इलाकों में रमजान की तैयारियां तेज हो गई। गारोपुर निवासी खाने आलम नक्शबंदी ने बताया कि बृहस्पतिवर को पहला रोजा रखा जाएगा। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक अनिल वर्मा ने विभिन्न मोहल्ले में पैदल गस्त कर शांति सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
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अधिकांश मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज के लिए नियुक्त किए गए हाफिज-ए-कुरान द्वारा डेढ़ से दो सिपारा कुरान की तिलावत की गई है। बृहस्पतिवार को पहले रोजे के साथ ही पहले अशरा रहमत की शुरुआत हो गई। मौलाना मोहम्मद वसीम मज़ाहिरी के अनुसार हर बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर रमजान के रोजे रखना फर्ज है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नवां व सबसे पाकीजा महीना है। इसी पाक महीने में अल्लाह ने अपने आखिरी पैगंबर मोहम्मद साहब पर क़ुरआन का नुजूल किया।
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एक नेकी के बदले मिलता है 70 नेकियों का सवाब
मौलाना हफीजुर्रहमान कासमी के अनुसार रमजान की इबादत दस दस दिनों के तीन अशरों में बांटा गया है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम से निजात का अशरा होता है। इस महीने में की गई नेकियों का अजर बढ़ा दिया जाता है और अल्लाह रब्बुल इज्जत एक नेकी के बदले 70 नेकियों का सवाब देता है।
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मौलाना मोहम्मद वसीम कहते हैं कि रमजान महीने की पाकीजगी व बेशकीमती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अल्लाह इस महीने शैतानों को जंजीरों में जकड़ कर जहन्नुम के दरवाजे बंद कर देता है और जन्नत के दरवाजे नेक बंदों के लिए खोल देता है।
शांति से मनाएं रमजान, लाउडस्पीकर का कम प्रयोग करें : मौलाना मुफ्ती हबीबुर्रहमान
रमजान के पाक महीने को अमन शांति से मनाएं। जहां तक हो सके लाउडस्पीकर का कम प्रयोग करें। उक्त बातें ईदगाह के पेश इमाम मुफ्ती हबीबुर्रहमान कासमी ने एक ऑडियो जारी करते हुए कही। मौलाना ने कहा कि नमाज की पाबंदी कायम करते हुए तरावीह की नमाज अदा करें।
रमजान का दिखा चांद पढ़ी जाएगी तरावीह
बुधवार की शाम को रमजान मुबारक का चांद तस्दीक होने के बाद नमाज इशा में तरावीह पढ़ी जाएगी। इसके साथ एक माह तक चलने वाला रमजान में रोजा रखा जाएगा। मुस्लिम बस्तियों में खूब चहल पहल एवं रौनक पूरे एक महीने रहेगी। शहरी के साथ शाम मगरिब में इफ्तार का किया जाता है।
चांद की तस्दीक, आज से शुरू होगा रोजा
बुधवार को चांद दिखते ही मुस्लिम इलाकों में रमजान की तैयारियां तेज हो गई। गारोपुर निवासी खाने आलम नक्शबंदी ने बताया कि बृहस्पतिवर को पहला रोजा रखा जाएगा। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक अनिल वर्मा ने विभिन्न मोहल्ले में पैदल गस्त कर शांति सौहार्द बनाए रखने की अपील की।