फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The order obtained by misleading the court is rebuttable, the court canceled the anticipatory bail.

हाईकोर्ट : अदालत को गुमराह कर हासिल किया गया आदेश खंडनीय, कोर्ट ने निरस्त की अग्रिम जमानत

Mon, 23 Oct 2023 02:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 23 Oct 2023 02:05 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने शिकायतकर्ता याची मोहम्मद इश्तियाक खान की ओर से आरोपी बृजपाल सिंह भदौरिया को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग वाली याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

विज्ञापन
The order obtained by misleading the court is rebuttable, the court canceled the anticipatory bail.
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के आरोपी को दी गई अग्रिम जमानत निरस्त करते हुए कहा कि अदालत को गुमराह कर हासिल किया गया आदेश खंडनीय है। कोई भी पीड़ित पक्ष ऐसे आदेश को रद्द करने की अर्जी किसी भी स्तर पर दे सकता है।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने शिकायतकर्ता याची मोहम्मद इश्तियाक खान की ओर से आरोपी बृजपाल सिंह भदौरिया को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग वाली याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
विज्ञापन


मामला मैनपुरी जिले के कुर्रा थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ने वर्ष 2022 में संपत्ति की खरीद फरोख्त में हुए धोखाधड़ी के आरोप में बृजपाल सिंह भदौरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए आरोपी के पक्ष में अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देते हुए शिकायतकर्ता याची ने कहा कि आरोपी सात आपराधिक मामलों में संलिप्त है। लेकिन, उसने अदालत को गुमराह करने के उद्देश्य से अपने आपराधिक इतिहास का खुलासा जमानत अर्जी में नही किया। आरोपी द्वारा वास्तविक तथ्यों को छुपा कर जमानत का आदेश हासिल किया गया है, जो निरस्त किया जाना चाहिए।


कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट द्वारा आरोपी को दी गई जमानत निरस्त कर दी। हालांकि, कोर्ट ने आरोपी को निचली अदालत में समर्पण करते हुए नियमित जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। कोर्ट ने निचली अदालत को आरोपी की जमानत अर्जी सत्येंद्र कुमार अंटील के वाद में स्थापित विधि व्यवस्था के आलोक में निस्तारित करने का आदेश भी दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed