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कैनवास पर रचनात्मकता को दिए नए आयाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:24 AM IST
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- ‘एनीमेशन संग्राम -2016 नेक्स्ट जेनरेशन आर्ट कंपटीशन’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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युवाओं को अगर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले, तो वह पीछे नहीं रहते। कुछ ऐसा ही नजारा दिखा शनिवार को होटल विलास में अमर उजाला और नेक्सजेन कंप्यूटर एजुकेशन के कार्यक्रम ‘एनीमेशन संग्राम-2016 नेक्स्ट जेनरेशन आर्ट कंपटीशन’ में। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को कैनवास और डेक्सटॉप पर ऐसा उतारा कि हर कोई बस देखता ही रह गया। पेंटिंग्स और ऐनीमेशन में स्वतंत्रता दिवस से लेकर प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग जैसे ज्वलंत मुद्दे विषय बनाए गए।
आयोजन की सराहना करते हुए अतिथियों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसी प्रतियोगिताएं कराने को कहा। इंस्टीट्यूट के चेयरमैन सुरेश जगजीत यादव ने कहा, प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत हैं बस उन्हें मौका देने की। उन्होंने अभिभावकों से भी कहा कि अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ ही प्रतिभा को निखारने का काम करें। बहुमुखी व्यक्तित्व का होना बेहद जरूरी है। शुरुआत में इंस्टीट्यूट चेयरमैन सुरेश जगजीत यादव, सीओ रेलवे मोनिका चड्ढा, सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा और इंसपेक्टर सिविल लाइंस महेश पांडेय ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अतिथियों को मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कंप्टीशन में तकरीबन दो सौ प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कई पंजीकरण तो ऑन द स्पॉट भी कराए गए। साक्षी वर्मा ने पेंटिंग और कोलॉज के साथ भारत की अनेेकता में एकता को बेहतरीन तरीके से दिखाया। शाइस्ता परवीन ने क्रांतिकारियों को पेंटिंग का विषय बनाया। वहीं सुनीता केसरवानी ने सिर्फ राम-राम लिखकर महात्मा गांधी का चित्र बनाया। ऐनीमेशन के जरिए मुख्तार आलम ने दिखाया कि पक्षियों के लिए सरहद कोई मायने नहीं रखती। अजय ने दिखाया कि ग्लोबल वार्मिंग का कारण हमारा अनियोजित विकास है। मो.कासिम ने इलाहाबाद स्मार्ट सिटी का खाका खींचा। कार्यक्रमों को एक दूसरे से पिरोते हुए संचालन शाम्भवी शुक्ला ने किया।
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नेक्सजेन कंप्यूटर एजुकेशन के जनसंपर्क अधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि नेक्सजेन की ओर से 16 अगस्त को सुबह 10 बजे मुंडेरा बाजार स्थित नेक्सजेन कंप्यूटर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार लैपटॉप और तृतीय पुरस्कार में आईफोन 5एस दिया जाएगा। विजेताओं को इसकी सूचना फोन से दी जाएगी। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और उपहार दिए जाएंगे।
कंपटीशन में आशुतोष सैनी की पेंटिंग सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। चारकोल तकनीक से वह जिस तरह से पेंटिंग बना रहे थे, वह सभी के लिए कौतुक का विषय रहा। आशुतोष ने आध्यात्म से ब्रह्मांड के जुड़ाव को दिखाने की कोशिश की।
रिषिक शुभम पीवीआर में देखने तो फिल्म रुस्तम आए थे, लेकिन कंप्टीशन का बैनर देकर प्रतियोगिता स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने महज सात मिनट में शानदार स्केच बनाया कि हर कोई बस देखता रह गया। उनकी कोशिश को सभी ने सराहा। इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित यादव ने रिषिक को पुरस्कृत भी किया गया।
प्रतियोगिता में शामिल होने का अनुभव काफी अच्छा रहा। खास यह कि इसमें किसी तरह को कोई शुल्क नहीं था। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।-निधि मिश्रा
प्रतियोगिता की सबसे अच्छी बात यह रही की प्रतियोगिता में कोई विषय निर्धारित नहीं था। सभी को अपनी-अपनी पसंद के विषय पर पेंटिंग बनाने का मौका मिला।-शिवांगी भार्गव
आयोजन काफी अच्छा रहा। यहां पर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इसी तरह के कार्यक्रमों से बच्चों की प्रतिभाओं को मंच मिल मिलता है।-इरफाना खातून
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आयोजन की सराहना करते हुए अतिथियों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसी प्रतियोगिताएं कराने को कहा। इंस्टीट्यूट के चेयरमैन सुरेश जगजीत यादव ने कहा, प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत हैं बस उन्हें मौका देने की। उन्होंने अभिभावकों से भी कहा कि अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ ही प्रतिभा को निखारने का काम करें। बहुमुखी व्यक्तित्व का होना बेहद जरूरी है। शुरुआत में इंस्टीट्यूट चेयरमैन सुरेश जगजीत यादव, सीओ रेलवे मोनिका चड्ढा, सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्रा और इंसपेक्टर सिविल लाइंस महेश पांडेय ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अतिथियों को मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
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कंप्टीशन में तकरीबन दो सौ प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कई पंजीकरण तो ऑन द स्पॉट भी कराए गए। साक्षी वर्मा ने पेंटिंग और कोलॉज के साथ भारत की अनेेकता में एकता को बेहतरीन तरीके से दिखाया। शाइस्ता परवीन ने क्रांतिकारियों को पेंटिंग का विषय बनाया। वहीं सुनीता केसरवानी ने सिर्फ राम-राम लिखकर महात्मा गांधी का चित्र बनाया। ऐनीमेशन के जरिए मुख्तार आलम ने दिखाया कि पक्षियों के लिए सरहद कोई मायने नहीं रखती। अजय ने दिखाया कि ग्लोबल वार्मिंग का कारण हमारा अनियोजित विकास है। मो.कासिम ने इलाहाबाद स्मार्ट सिटी का खाका खींचा। कार्यक्रमों को एक दूसरे से पिरोते हुए संचालन शाम्भवी शुक्ला ने किया।
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नेक्सजेन कंप्यूटर एजुकेशन के जनसंपर्क अधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि नेक्सजेन की ओर से 16 अगस्त को सुबह 10 बजे मुंडेरा बाजार स्थित नेक्सजेन कंप्यूटर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार लैपटॉप और तृतीय पुरस्कार में आईफोन 5एस दिया जाएगा। विजेताओं को इसकी सूचना फोन से दी जाएगी। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और उपहार दिए जाएंगे।
कंपटीशन में आशुतोष सैनी की पेंटिंग सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। चारकोल तकनीक से वह जिस तरह से पेंटिंग बना रहे थे, वह सभी के लिए कौतुक का विषय रहा। आशुतोष ने आध्यात्म से ब्रह्मांड के जुड़ाव को दिखाने की कोशिश की।
रिषिक शुभम पीवीआर में देखने तो फिल्म रुस्तम आए थे, लेकिन कंप्टीशन का बैनर देकर प्रतियोगिता स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने महज सात मिनट में शानदार स्केच बनाया कि हर कोई बस देखता रह गया। उनकी कोशिश को सभी ने सराहा। इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित यादव ने रिषिक को पुरस्कृत भी किया गया।
प्रतियोगिता में शामिल होने का अनुभव काफी अच्छा रहा। खास यह कि इसमें किसी तरह को कोई शुल्क नहीं था। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।-निधि मिश्रा
प्रतियोगिता की सबसे अच्छी बात यह रही की प्रतियोगिता में कोई विषय निर्धारित नहीं था। सभी को अपनी-अपनी पसंद के विषय पर पेंटिंग बनाने का मौका मिला।-शिवांगी भार्गव
आयोजन काफी अच्छा रहा। यहां पर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इसी तरह के कार्यक्रमों से बच्चों की प्रतिभाओं को मंच मिल मिलता है।-इरफाना खातून