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Prayagraj News: चौक के व्यापारियों को भारी पड़ रही बिजली विभाग की लापरवाही
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प्रयागराज। सोमवार रात चौक के बरांडा मार्केट में लगी आग से लाखों का नुकसान हो गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब छह महीने पहले भी बाजार में भीषण आग लग चुकी है। चौक से लेकर शाहगंज बाजार तक तारों का मकड़जाल है। व्यापारी कई बार इसे हटाने की मांग कर चुके हैं। मगर, हादसों के बाद भी विभाग के जिम्मेदार इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर व्यापारी हादसों के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराए तो गलत नहीं होगा।
व्यापारियों की दुकान में लगे मीटर तक कौन सा तार पहुंचा है, तारों के झुंड में समझ पाना मुश्किल है। कोई गड़बड़ी आने पर घंटे से अधिक समय तो इन्हीं तारों में फाॅल्ट खोजने में लग जाते हैं। चौक व शाहगंज बाजार की संकरी गलियों में दो हजार से अधिक दुकानें हैं। हर दूसरी दुकान के आगे पुराने तारों का मकड़जाल है। इन्हीं में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती रहती हैं।
कब किया जाएगा तारों को भूमिगत
व्यापार मंडल शाहगंज इलेक्ट्रॉनिक बाजार के अध्यक्ष अनिमेष अग्रवाल का कहना है कि आग लगने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं। शालीमार इलेक्ट्रॉनिक, बालाजी एजेंसीज, एकता इलेक्ट्रॉनिक, साहू इलेक्ट्रॉनिक और नेहरू कांप्लेक्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है। व्यापारियों का करोड़ों का सामान जलकर राख हो गया। जिला व्यापार बंधु समिति की हर बैठक में जिला प्रशासन इन तारों को हटाने की बात कहता है, लेकिन करता कुछ नहीं। पिछली बैठक में विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता शिवकुमार ने बताया था कि बाजार में तारों को भूमिगत करने की योजना है। पता नहीं यह योजना कब धरातल पर उतरेगी।
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खंभों पर अतिक्रमण भी नहीं हटा पा रहा महकमा
बिजली के खंभों में डिश केबल, इंटरनेट और टेलीफोन के तारों का अतिक्रमण भी खूब है। पोस्टर, बैनर अगल से लटके हैं। विद्युत महकमा अपने खंभों से अतिक्रमण तक नहीं हटा पा रहा है। इंटरनेट के लिए भले ही शहर के कई इलाके में भूमिगत फाइबर केबल बिछा दी गई हों, लेकिन चौक जैसे इलाके में अभी भी इंटरनेट के खुले तार मौजूद हैं।
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व्यापारियों की दुकान में लगे मीटर तक कौन सा तार पहुंचा है, तारों के झुंड में समझ पाना मुश्किल है। कोई गड़बड़ी आने पर घंटे से अधिक समय तो इन्हीं तारों में फाॅल्ट खोजने में लग जाते हैं। चौक व शाहगंज बाजार की संकरी गलियों में दो हजार से अधिक दुकानें हैं। हर दूसरी दुकान के आगे पुराने तारों का मकड़जाल है। इन्हीं में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती रहती हैं।
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कब किया जाएगा तारों को भूमिगत
व्यापार मंडल शाहगंज इलेक्ट्रॉनिक बाजार के अध्यक्ष अनिमेष अग्रवाल का कहना है कि आग लगने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं। शालीमार इलेक्ट्रॉनिक, बालाजी एजेंसीज, एकता इलेक्ट्रॉनिक, साहू इलेक्ट्रॉनिक और नेहरू कांप्लेक्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है। व्यापारियों का करोड़ों का सामान जलकर राख हो गया। जिला व्यापार बंधु समिति की हर बैठक में जिला प्रशासन इन तारों को हटाने की बात कहता है, लेकिन करता कुछ नहीं। पिछली बैठक में विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता शिवकुमार ने बताया था कि बाजार में तारों को भूमिगत करने की योजना है। पता नहीं यह योजना कब धरातल पर उतरेगी।
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खंभों पर अतिक्रमण भी नहीं हटा पा रहा महकमा
बिजली के खंभों में डिश केबल, इंटरनेट और टेलीफोन के तारों का अतिक्रमण भी खूब है। पोस्टर, बैनर अगल से लटके हैं। विद्युत महकमा अपने खंभों से अतिक्रमण तक नहीं हटा पा रहा है। इंटरनेट के लिए भले ही शहर के कई इलाके में भूमिगत फाइबर केबल बिछा दी गई हों, लेकिन चौक जैसे इलाके में अभी भी इंटरनेट के खुले तार मौजूद हैं।