{"_id":"579e54344f1c1b95302b88e2","slug":"the-need-to-imbibe-the-ideals-of-udham-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊधम सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊधम सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:49 AM IST
विज्ञापन
ऊधम सिंह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्रांतिकारी ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर रविवार को विभिन्न संगठनों की ओर से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह स्मारक समिति की ओर से शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उप्र सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने 21 गन शाट फायर कर सलामी दी।
पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्र धुन बजाई गई। इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए गए। छात्राओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता 94 वर्षीय दुभदुभी वादक भागवत प्रसाद भारती ने बताया कि ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग कांड में जनरल डायर का किरदार देखकर उससे बदला लेने का निर्णय लिया। 20 वर्ष बाद उन्होंने भरी महफिल में जनरल डायर को गोली मारकर बदला लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू मरकरी, संचालन महासचिव राज बहादुर गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. श्याम बिहारी ने किया।
वीर शिरोमणि रूपन बारी युवा सेवा संस्थान की ओर से मेडिकल चौराहे पर ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प चढ़ा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वार्ड अध्यक्ष शंभूनाथ रावत ने कहा कि 13 मार्च 1940 में लंदन में एक समारोह में जनरल डायर को अपनी रिवॉल्वर से मौत के घाट उतारकर जलियांबाला बाग कांड में मारे गए निहत्थों की मौत का बदला लिया था। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में नरेंद्र रावत, सुरेश चंद्र रावत, मनोज, कमला, लल्लू बारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डॉ. अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन और प्रबुद्ध फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता शुकदेव ने कहा कि हम सभी को ऊधम सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। इस दौरान लालसा राम, निदेश कुमार, रामशंकर ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन रामबृज गौतम ने किया। जनहित संघर्ष समिति और तथागत संदेश अभियान की ओर से भी ऊधम सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
विज्ञापन
पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्र धुन बजाई गई। इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए गए। छात्राओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता 94 वर्षीय दुभदुभी वादक भागवत प्रसाद भारती ने बताया कि ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग कांड में जनरल डायर का किरदार देखकर उससे बदला लेने का निर्णय लिया। 20 वर्ष बाद उन्होंने भरी महफिल में जनरल डायर को गोली मारकर बदला लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू मरकरी, संचालन महासचिव राज बहादुर गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. श्याम बिहारी ने किया।
विज्ञापन
वीर शिरोमणि रूपन बारी युवा सेवा संस्थान की ओर से मेडिकल चौराहे पर ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प चढ़ा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वार्ड अध्यक्ष शंभूनाथ रावत ने कहा कि 13 मार्च 1940 में लंदन में एक समारोह में जनरल डायर को अपनी रिवॉल्वर से मौत के घाट उतारकर जलियांबाला बाग कांड में मारे गए निहत्थों की मौत का बदला लिया था। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में नरेंद्र रावत, सुरेश चंद्र रावत, मनोज, कमला, लल्लू बारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डॉ. अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन और प्रबुद्ध फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता शुकदेव ने कहा कि हम सभी को ऊधम सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। इस दौरान लालसा राम, निदेश कुमार, रामशंकर ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन रामबृज गौतम ने किया। जनहित संघर्ष समिति और तथागत संदेश अभियान की ओर से भी ऊधम सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।