नगर निगम प्रशासन राहत देने के मूड में नहीं
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संपत्ति कर अधिनियम में संशोधन के इंतजार में व्यावसायिक भवनों के मालिक अभी गृहकर नहीं जमा कर रहे हैं। यह मामला शासन में लंबित है। संपत्ति कर अधिनियम में संशोधन पर आदेश जारी भी हुआ तो इसका ज्यादा फायदा छोटी दुकानें खोलने वालों को मिलेगा लेकिन इस अधिनियम के इंतजार में काफी आवासीय भवनों के मालिक भी टैक्स नहीं जमा कर रहे हैं। इसकी वजह से उन्हें आगे नुकसान हो सकता है, क्योंकि टैक्स न जमा करने की स्थिति में ब्याज भरना पड़ेगा। इस बीच आवासीय भवनों के बकाया एरियर पर लगे ब्याज में छूट को लेकर नया मामला उठ गया है। कई पार्षद ब्याज में छूट की मांग कर रहे हैं, जबकि गृहकर में छूट का अधिकार निगम प्रशासन को नहीं है।
इसके इतर जलकर पर लगने वाला ब्याज माफ करने का अधिकार महापौर को है और वह इसके लिए आने वाले आवेदन में ब्याज माफ भी कर रही हैं। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी का कहना है कि कुछ लोग गोरखपुर नगर निगम का हवाला देकर बकाया एरियर पर ब्याज माफ करने की मांग कर रहे हैं, जो संभव नहीं है क्योंकि अगर वहां का निगम प्रशासन गलत कर रहा है तो यहां नहीं किया जा सकता।
जिन लोगों ने अभी तक गृहकर नहीं जमा किया है, उनके लिए खुशखबरी। ऐसे लोग अब 31 जुलाई तक 10 प्रतिशत छूट के साथ गृहकर जमा कर सकते हैं। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने नगर आयुक्त एवं मुख्य कर निर्धारण पीके मिश्र से वार्ता के बाद 10 प्रतिशत छूट एक माह बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। इसके पहले यह छूट 30 जून तक दी गई थी।