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Prayagraj News: राजा कोलंदर की रिहाई के आदेश पर पत्रकार के परिजनों का विरोध
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राज्यपाल ने प्रिजनर्स रिलीज ऑन प्रोविजन एक्ट 1938 की धारा-2 के तहत राजा कोलंदर की रिहाई के लिए मंजूरी दी है। उन्नाव जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा कोलंदर कई जघन्य वारदात में दोषी पाया गया था। उस पर एक पत्रकार की हत्या का भी दोष सिद्ध हुआ था, जिनके परिजनों ने इस आदेश पर आपत्ति जताई है। राज्यपाल से पुनर्विचार की मांग की है।
राजा कोलंदर (63) 27 वर्ष, तीन माह और तीन दिन की सजा पूरी कर चुका है। रिहाई की मंजूरी नौ शर्तों के साथ दी गई है। जैसे-उसका पुत्र नवीन कुमार अभिरक्षक रहेगा और शर्तों के उल्लंघन पर कोलंदर को पुनः जेल भेजा जाएगा। यह आदेश चार सितंबर का है।
पत्रकार धीरेंद्र सिंह जिनकी हत्या कोलंदर ने की थी, उनके बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने राज्यपाल को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चार महीने पहले ही हाईकोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा दी थी। अब इतनी जल्दी उसकी रिहाई न्याय और समाज दोनों के साथ अन्याय है। परिवार ने कहा कि उसकी रिहाई से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनेगा।
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अपराधों से दहला था प्रदेश
राजा कोलंदर उर्फ राम निरंजन कोल का नाम 2000 के दशक की शुरुआत में सामने आया था जब उसने पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में कोलंदर के फार्महाउस से मानव खोपड़ियां और अस्थियां बरामद हुई थीं। उसने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह इन्सानी मांस खाता था और हत्या को रोमांच की तरह देखता था। उसके अपराधों ने प्रदेश को दहला दिया था। बाद में उसे हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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राजा कोलंदर (63) 27 वर्ष, तीन माह और तीन दिन की सजा पूरी कर चुका है। रिहाई की मंजूरी नौ शर्तों के साथ दी गई है। जैसे-उसका पुत्र नवीन कुमार अभिरक्षक रहेगा और शर्तों के उल्लंघन पर कोलंदर को पुनः जेल भेजा जाएगा। यह आदेश चार सितंबर का है।
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पत्रकार धीरेंद्र सिंह जिनकी हत्या कोलंदर ने की थी, उनके बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने राज्यपाल को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चार महीने पहले ही हाईकोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा दी थी। अब इतनी जल्दी उसकी रिहाई न्याय और समाज दोनों के साथ अन्याय है। परिवार ने कहा कि उसकी रिहाई से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनेगा।
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अपराधों से दहला था प्रदेश
राजा कोलंदर उर्फ राम निरंजन कोल का नाम 2000 के दशक की शुरुआत में सामने आया था जब उसने पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में कोलंदर के फार्महाउस से मानव खोपड़ियां और अस्थियां बरामद हुई थीं। उसने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह इन्सानी मांस खाता था और हत्या को रोमांच की तरह देखता था। उसके अपराधों ने प्रदेश को दहला दिया था। बाद में उसे हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।