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जमाती प्रोफेसर के मामले में जांच कमेटी गठित

Tue, 28 Apr 2020 12:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 12:12 AM IST
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the inspection committe made in the matter of  jamati professor
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. मोहम्मद शाहिद। (मरकज में शामिल होने के बात छुपाने का आरोपी) - फोटो : CITY DESK
मरकज में जाने की बात छिपाने पर जेल भेजे गए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद के मामले में कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। पांच सदस्यीय जांच कमेटी कार्य परिषद के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके साथ प्रोफेसर के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई भी कार्य परिषद में रखी जाएगी।
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इविवि के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. मोहम्मद शाहिद के मामले में तथ्यों की जांच के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय होंगे। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला कमेटी के सचिव होंगे, जबकि राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष अनुराधा अग्रवाल, उर्दू की विभागाध्यक्ष प्रो. शबनम हमीद और डीएसडब्लयू प्रो. केपी सिंह कमेटी के सदस्य होंगे। यह कमेटी सभी तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट कार्य परिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। सूत्रों के मुताबिक यह कमेटी कई बिंदुओं पर जांच करेगी। कमेटी देखेगी कि इससे पूर्व प्रो. मोहम्मद शाहिद कब-कब विदेश गए? देश से बाहर जाने के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनपओसी) लिया था कि नहीं? विदेश जाने से पहले प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय को सूचना दी थी या नहीं?
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जांच कमेटी में राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराधा अग्रवाल को इसलिए शामिल किया गया है कि ताकि वह बताएं कि प्रोफेसर विभाग में समय से पाठ्यक्रम पूूरा करा पा रहे थे या नहीं? अपने सहयोगियों के साथ उनका व्यवहार कैसा है और विभागाध्यक्ष की ओर से दिए गए कार्यों को समय से पूरा करते हैं या नहीं। प्रोफेसर का अपने शोधार्थियों और विभाग के अन्य छात्रों के साथ कैसा व्यवहार है, इस बिंदु की जांच भी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कुछ छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। प्रोफेसर ने कब-कब छुट्टी ली और इसके लिए आवेदन पत्र दिया था या नहीं, इसकी जांच भी होगी। इसके अलावा पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में प्रोफेसर पर जो आरोप लगाए गए हैं, जांच कमेटी अपने स्तर से उसकी समीक्षा भी करेगी।
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साथ ही प्रोफेसर मरकज में शामिल होने के लिए दिल्ली कब गए और वहां से कब लौटे, इस तथ्य की भी जांच की जाएगी। प्रोफेसर की पर्सनल फाइल भी खंगाली जाएगी। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि इससे पहले प्रोफेसर के खिलाफ कोई शिकायत हुई थी या नहीं? क्या इससे पहले उनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई की गई है? उनकी छुट्टियों का विवरण भी खंगाला जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पूर्व में एक बार बिना बताए विदेश जाने प्रोफेसर को वेतन रोक दिया गया था। कमेटी इस तथ्य की भी जांच करेगी। जांच पूरी करने के बाद कमेटी कार्य परिषद की अगली बैठक में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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