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High Court : हाईकोर्ट ने एसओसी को पांच माह में सुधार व सीमांकन का दिया आदेश
Wed, 14 Jan 2026 06:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 14 Jan 2026 06:45 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सार्वजनिक उपयोग की भूमि की गलत प्रविष्टियों के मामले में चकबंदी के बंदोबस्त अधिकारी (एसओसी ) को पांच माह में सुधार व सीमांकन करने का आदेश दिया है।
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अदालत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सार्वजनिक उपयोग की भूमि की गलत प्रविष्टियों के मामले में चकबंदी के बंदोबस्त अधिकारी (एसओसी ) को पांच माह में सुधार व सीमांकन करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने आजमगढ़ निवासी प्रशांत प्रकाश सिंह उर्फ राहुल सिंह की याचिका पर दिया। आजमगढ़ के ग्राम खुदवल में सार्वजनिक रास्तों एवं तालाबों से संबंधित भूमि की प्रविष्टियों में विसंगतियां पाई गईं। जिस पर गांव के लोगों ने एसओसी के समक्ष शिकायत की थी। शिकायत पर ठोस कार्रवाई न होने पर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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याची का आरोप है कि चकबंदी कार्यवाही के दौरान सार्वजनिक उपयोग की भूमि की प्रविष्टियों एवं क्षेत्रफल में त्रुटियां की गई हैं। इस संबंध में पहले आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। चकबंदी अधिकारी ने 24 अगस्त 2024 के आदेश में सुधार और मौके पर सीमांकन नहीं किया कि भूमि पर फसल खड़ी है। फसल कटने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने याचिका का अंतिम रूप से निस्तारण करते हुए याची को निर्देश दिया कि वह तीन सप्ताह में नई प्रस्तुति चकबंदी अधिकारी के समक्ष दाखिल करे। वहीं, चकबंदी अधिकारी को आदेश दिया कि वह आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तिथि से पांच माह में गलत प्रविष्टियों के संबंध में विधि के अनुसार निर्णय कर रास्तों एवं तालाबों का सीमांकन कराए।
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