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कोर्स अपडेट नहीं, सेमेस्टर के चलते गिरा ग्राफ

Thu, 13 Feb 2020 01:42 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 01:42 AM IST
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The graph of success dropped in IAS due to lack of course updates
The graph of success dropped in IAS due to lack of course updates
प्रयागराज। हिंदी पट्टी के इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विवि, लखनऊ विवि, गोरखपुर विवि, मगध विवि सहित अन्य विश्वविद्यालयों से पढ़ाई कर रहे छात्रों के सिविल सेवा में चयन का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। अधिकांश विवि में मानविकी विषयों के पाठ्यक्रम समय के साथ अपडेट नहीं किए जाने से वहां के ग्रामीण पृष्ठभूमि के हिंदी माध्यम के छात्र-छात्राएं सिविल सेवा की रेस से बाहर हो गए हैं।
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संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में विशेषज्ञ के तौर पर शामिल रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एचएन मिश्र का कहना है कि हिंदी, अंग्रेजी माध्यम की बात कहकर हिंदी पट्टी के विवि अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। उनका कहना है कि हिंदी पट्टी के विश्वविद्यालयों ने संघ लोक सेवा आयोग में हुए पाठ्क्रमों के अनुरूप बदलाव नहीं किया। रही सही कमी विवि की पीजी कक्षाओं में लागू सेमेस्टर सिस्टम ने पूरा कर दी, जिससे विद्यार्थियों को सिविल परीक्षा की तैयारी करने का समय नहीं मिल पाता।
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उनका कहना है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास करते ही विद्यार्थी सिविल सेवा की तैयारी में लग जाते हैं, पीजी कक्षाओं का कोर्स पूरी तरह से संघ लोक सेवा आयोग के पैटर्न पर होने के चलते परीक्षार्थी दो साल के भीतर सिविल सेवा परीक्षा सहित राज्यों की परीक्षाओं में सफल हो जाते थे। उनका कहना है कि जब विद्यार्थियों को उनके कोर्स के अनुसार पढ़ाई नहीं कराई जाएगी तो सफलता कहां से मिलेगी।
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इविवि एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज के निदेशक प्रो. एचके शर्मा का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट लागू किए जाने के बाद हिंदी पट्टी के विद्यार्थी, इस बाधा को पार करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। परीक्षार्थियों की मांग पर अब मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र शामिल किए गए हैं, इस बदलाव से हमारे विद्यार्थी अपने आपको धीरे-धीरे जोड़ लेंगे तो हिंदी पट्टी के विद्यार्थी भी सफल होंगे। उनका कहना है कि हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों की अपेक्षा अंग्रेजी माध्यम से पढ़े विद्यार्थी सीसैट की बाधा आसानी से पार कर लेते हैं, इस कारण से वह आगे इंजीनियरिंग, मेडिकल की पृष्ठभूमि के होने के बाद भी मानविकी के विषय लेकर परीक्षा पास कर रहे हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के चयन में लगातार आई गिरावट के बारे में राजनीति शास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मो. असलम का कहना है कि पहले विवि के छात्र शिक्षकों के पास अपनी समस्या लेकर आते थे। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए विभागों के साथ छात्रावासों में विशेष तैयारी कराई जाती थी। छात्रावासों में सीनियर और विवि के शिक्षक समय-समय पर छात्रों का मार्गदर्शन करने केलिए आते थे। उन्होंने बताया कि सफलता पाने के लिए इविवि के शिक्षकों एवं अधिकारियों को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
सफलता पाने के लिए शिक्षकों के सुझाव
विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम को संघ लोक सेवा आयोग के पैटर्न के अनुसार समय-समय पर रिवाइज किया जाए
सेमेस्टर सिस्टम लागू होने केबाद विवि में पीजी कक्षाओं में छात्रों का रुझान घटा है, सेमेस्टर कक्षाओं का कोर्स प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार बनाया जाए
परीक्षार्थियों को सिविल सेवा में आए बदलावों के बारे में समय-समय पर जानकारी दी जाए
इविवि के छात्रावासों एवं विभागों में सेमिनार कक्षाओं की व्यवस्था दोबारा लागू की जाए
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