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सिपाहियों का गैंग लूट रहा है कारोबारियों को

Fri, 31 Jul 2015 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 31 Jul 2015 01:47 AM IST
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The gang robbed the soldiers businesses
इलाहाबाद। महाराष्ट्र में पुणे के एक कारोबारी से सिविल लाइंस के होटल में 12 लाख रुपये हड़पने की घटना में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वे दोनों कानपुर के रहने वाले हैं। उनके कब्जे से पौने दो लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। ज्यादा गंभीर बात यह कि कारोबारियों को जाल में फंसाकर मोटी रकम ऐंठने वाले इस गिरोह में कई सिपाहियों के भी शामिल होने का पता चला है। अब उनके बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
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पुणे (महाराष्ट्र) के चकवार इलाके में रहने वाले व्यापारी विनायक राव भोसले को उनके परिचित सिक्योरिटी गार्ड् प्रमोद सिंह उर्फ पिंटू ने 12 लाख रुपये का चूना लगाया। दरअसल उसने अपनी चचेरी बहन की शादी में पैसों की जरूरत के मद्देनजर विनायक से मदद मांगी। 26 जून को विनायक 12 लाख रुपये लेकर सिविल लाइंस के होटल में पिंटू से मिले। पिंटू ने एक व्यक्ति को अपना चाचा पंडित जी बताकर मिलाया।
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भरोसा दिया कि 15 दिन में पैसे वापस कर देगा वरना पंडित जी से 20 लाख रुपये कीमत का पराना सोना दिला देगा। फिर पैसे लेकर वे दोनों होटल से निकले तो खाकी वर्दीधारी दो लोगों ने रोक लिया और खुद को एसटीएफ का सिपाही बताकर धमकाते हुए बैग छीनकर भाग गए। पिंटू और पंडित जी ने विनायक से कहा कि पैसे तो लुट गए। इसके बाद वे दोनों कानपुर और विनायक महाराष्ट लौट गए।
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करीब दस रोज पहले विनायक ने इलाहाबाद आकर सिविल लाइंस थाने में प्रमोद उर्फ पिंटू के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। चौकी प्रभारी सिविल लाइंस इंदल यादव ने बताया कि प्रमोद उर्फ पिंटू और कथित पंडित जी को बस अडडे के पास नवाब युसूफ रोड से गिरफ्तार कर एक लाख 70 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। पता चला कि पंडित जी असल में कौनपुर में नौबस्ता इलाके के यशोदा नगर का रहने वाला है जबकि पिंटू घाटमपुर इलाके के सलोली का निवासी है। एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि उन दोनों से पूछताछ में नफीसऔर निजामुद्दीन समेत कुछ और नाम पता चले हैं जो असल में पुलिस विभाग के सिपाही हैं। इनमें एक सिपाही कानपुर में तैनात था तभी पिंटु और बदरे आलम से संपर्क में आया। फिर इस गिरोह में कई और सिपाहियों को जोड़कर कारोबारियों से रकम लूटी जा रही है।
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