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High Court : यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष को नहीं है कानूनी जानकारी, कोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी

Wed, 09 Aug 2023 05:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 09 Aug 2023 05:47 PM IST
सार

तत्कालीन अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड कर्मचारी (अनुशासन और अपील) के विनियम 13 के तहत पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार का प्रयोग किया और याची की सजा बढ़ाते हुए उसे बर्खास्त कर दिया। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

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The former chairman of UP Power Corporation does not have legal knowledge, the court made strong remarks
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुशासनिक कार्यवाही की सुनवाई के दौरान न्यायिक विवेक का प्रयोग न करने पर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष एम. देवराज के खिलाफ तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि उन्हें कानून की जानकारी नहीं है। कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर 18 अगस्त तक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। पूछा है कि किन परिस्थितियों में उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

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न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने याची राकेश कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याची ने अनुशासनात्मक प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश को पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन अध्यक्ष एम. देवराज के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर तहत चुनौती दी थी, जबकि उस आदेश के खिलाफ एक अपील भी लंबित थी।
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तत्कालीन अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड कर्मचारी (अनुशासन और अपील) के विनियम 13 के तहत पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार का प्रयोग किया और याची की सजा बढ़ाते हुए उसे बर्खास्त कर दिया। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि याची के खिलाफ गंभीर आरोप थे। यदि यह साबित हो जाते तो पूरी संभावना थी कि उसे वृहद अपराध के दंड से दंडित किया जा सकता था। फिर भी जांच के दौरान साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण नहीं किया गया।
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कोर्ट ने कहा कि पूर्व चेयरमैन द्वारा पारित आदेश के अवलोकन से प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उन्हें कानून की जानकारी नहीं है। उन्होंने मामले की तह तक जाने के बजाय मात्र एक जांच रिपोर्ट के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। मनमाने तरीके से याची की सजा को बढ़ाने का आदेश पारित कर दिया।


पारित आदेश देने में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने से नाराज कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए उनसे 18 अगस्त तक जवाबी हलफनामा तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि पूर्व अध्यक्ष उन परिस्थितियों का उल्लेख हलफनामे में करें, जिस कारण उन्होंने न तो कानूनी प्रकिया का पालन किया और न ही साक्ष्यों का भली-भांति परीक्षण किया। वरिष्ठ आईएएस एम. देवराज फिलहाल प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पद पर कार्यरत हैं।
 

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