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नई दिल्ली में 19 फरवरी को हो सकती है श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की पहली बैठकः वासुदेवानंद
Sun, 09 Feb 2020 05:00 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 09 Feb 2020 05:00 PM IST
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स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने ट्रस्ट की पहली बैठक प्रयागराज में होने की संभावनाओं को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की पहली बैठक 19 फरवरी को नई दिल्ली में हो सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई की पहली बैठक नई दिल्ली स्थित न्यास के दफ्तर में ही हो सकती है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि जब अयोध्या में न्यास का दफ्तर बनकर तैयार हो जाएगा तो आगे की बैठकें वहीं पर आयोजित होंगी। एक सवाल पर कहा कि मंदिर निर्माण में कम से कम दो वर्ष का समय लग सकता है। 70 फीसदी पत्थर पहले ही तराशे जा चुके हैं।
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उन्होंने उम्मीद जताई की पहली बैठक नई दिल्ली स्थित न्यास के दफ्तर में ही हो सकती है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि जब अयोध्या में न्यास का दफ्तर बनकर तैयार हो जाएगा तो आगे की बैठकें वहीं पर आयोजित होंगी। एक सवाल पर कहा कि मंदिर निर्माण में कम से कम दो वर्ष का समय लग सकता है। 70 फीसदी पत्थर पहले ही तराशे जा चुके हैं।
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शंकराचार्य ने कल्याण सिंह और उमा भारती के बयान पर जताई नाराजगी
शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और उमा भारती के उस बयान पर नाराजगी जताई जिसमें दोनों नेताओं ने ट्रस्ट में पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाले किसी शख्स को शामिल नहीं किया गया है। वासुदेवानंद ने कहा कि यह समय उत्सव का है न कि विवाद का। दोनों नेता काफी वरिष्ठ हैं। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री जैसे लाभ के पदों पर रह चुके हैं। वे ही बताएं कि उन्हें अब और कितना लाभ और सम्मान चाहिए। वैसे अब दोनों की उम्र और स्वास्थ्य भी काम करने लायक नहीं है। बेवजह की राजनीति से इतर उन्हें समझना होगा कि यह उत्सव मनाने का समय है न कि किसी तरह का विवाद पैदा करने की और राजनीति करने का। फिर मौजूदा दौर में क्या ब्राह्मण होना अपराध है।
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