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कोहरे के पहले झोंके में ही धड़ाम हुईं ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2014 12:11 AM IST
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इलाहाबाद। शुक्रवार की भोर से शुरू हुए कोहरे के पहले झोंके ने ही ट्रेन संचालन अस्तव्यस्त हो गया। घने कोहरे में फंसीं सियालदह राजधानी, कोलकाता राजधानी, प्रयागराज, रीवांचल, शिवगंगा, नौचंदी, ऊंचाहार, संगम, सरयू, लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत ज्यादा ट्रेनें पिट गईं। देर से पहुंचने के कारण जंक्शन से लौटने वाली कई गाड़ियां देरी से छूटीं। इसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही आशंका है कि कोहरा आगे भी जारी रहा तो ट्रेनों की लेटलतीफी और बढ़ सकती है।
बताते हैं कि रात करीब दो बजे तक मौसम साफ रहा। रात 2.30 बजे के बाद ट्रैक पर कोहरा दिखना शुरू हुआ और सुबह 4.30 से से सात बजे के बीच ट्रैक दिखना बंद हो गया। अचानक आए कोहरे के झोंके ने रेलवे प्रशासन भी भौचक्क कर दिया। रेलवे प्रशासन ने 20 दिसंबर से कोहरे का अनुमान लगाया था। ट्रेन चालक बताते हैं कि ट्रैक न दिखने से गाड़ी की रफ्तार 20-25 किमी प्रति घंटे कर दी गई। सुबह करीब नौ बजे से कोहरा छंटना शुरू हुआ। फिर, ट्रेनों ने रफ्तार पकड़ी। उधर, इसमें फंसी नौचंदी 15.15 बजे, लखनऊ इंटरसिटी 14.20 बजे, ऊंचाहार एक्सप्रेस 13.15 बजे, सरयू 12.25 बजे, सारनाथ 18.15 बजे, पीआरएल 18.30 बजे पहुंचीं।
यही नहीं, नार्थईस्ट 10.39 घंटे, सीमांचल 3.31 घंटे, कोलकाता एक्सप्रेस तीन घंटे, लिच्छवि 4.42 घंटे, त्रिवेणी दो घंटे, बुंदेलखंड 3.30 घंटे, महानंदा--11 घंटे, गाड़ी 15483 महानंदा--16 घंटे, मगध 13, एनई 2.30, स्वतंत्रता सेनानी छह, प्रयागराज 2.15, रीवांचल 3.30, ब्रह्मपुत्र 3.30, पुरुषोत्तम 3.30, संगम एक्सप्रेस तीन घंटे देर से जंक्शन पर पहुंचीं। जंक्शन से वापस होने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रात 20.15 बजे, सरयू रात नौ बजे, इंटरसिटी नौ बजे रवाना हो सकीं।
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बताते हैं कि रात करीब दो बजे तक मौसम साफ रहा। रात 2.30 बजे के बाद ट्रैक पर कोहरा दिखना शुरू हुआ और सुबह 4.30 से से सात बजे के बीच ट्रैक दिखना बंद हो गया। अचानक आए कोहरे के झोंके ने रेलवे प्रशासन भी भौचक्क कर दिया। रेलवे प्रशासन ने 20 दिसंबर से कोहरे का अनुमान लगाया था। ट्रेन चालक बताते हैं कि ट्रैक न दिखने से गाड़ी की रफ्तार 20-25 किमी प्रति घंटे कर दी गई। सुबह करीब नौ बजे से कोहरा छंटना शुरू हुआ। फिर, ट्रेनों ने रफ्तार पकड़ी। उधर, इसमें फंसी नौचंदी 15.15 बजे, लखनऊ इंटरसिटी 14.20 बजे, ऊंचाहार एक्सप्रेस 13.15 बजे, सरयू 12.25 बजे, सारनाथ 18.15 बजे, पीआरएल 18.30 बजे पहुंचीं।
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यही नहीं, नार्थईस्ट 10.39 घंटे, सीमांचल 3.31 घंटे, कोलकाता एक्सप्रेस तीन घंटे, लिच्छवि 4.42 घंटे, त्रिवेणी दो घंटे, बुंदेलखंड 3.30 घंटे, महानंदा--11 घंटे, गाड़ी 15483 महानंदा--16 घंटे, मगध 13, एनई 2.30, स्वतंत्रता सेनानी छह, प्रयागराज 2.15, रीवांचल 3.30, ब्रह्मपुत्र 3.30, पुरुषोत्तम 3.30, संगम एक्सप्रेस तीन घंटे देर से जंक्शन पर पहुंचीं। जंक्शन से वापस होने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रात 20.15 बजे, सरयू रात नौ बजे, इंटरसिटी नौ बजे रवाना हो सकीं।
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