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पहले ही दिन अध्यक्ष-महामंत्री में दिखी रार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:22 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इविवि छात्रसंघ के शथथ ग्रहण समारोह के दौरान ही नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और नवनिर्वाचित महामंत्री शिवम सिंह के बीच की रार खुलकर सामने आ गई। शपथ लेने के बाद महामंत्री ने अध्यक्ष समेत समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा तो जवाब में अध्यक्ष ने भी महामंत्री, एबीवीपी और संघ पर निशाना साधा।
एबीवीपी के टिकट से महामंत्री निर्वाचित हुए शिवम ने कहा कि समाजवादी छात्रसभा का भविष्य भइया-भाभी तय करते हैं। वही उनके आदर्श हैं। लेकिन हम भइया-भाभी की लड़ाई नहीं, बल्कि आम छात्र-छात्राओं की लड़ाई लड़ेंगे। शिवम ने अपनी जीत का श्रेय अभिलेख सिंह ‘माइकल’ को दिया, जिस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। जवाब में अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने भाषण की शुरुआत में ही कहा, ‘मैं अपनी जीत के लिए कुछ लोगों के प्रति आभार जताने जा रहा हूूं, लेकिन, इनमें 25-50 हजार के इनामियां नहीं हैं, बल्कि वो लोग हैं जिन्होंने देश और समाज के लिए बुहत कुछ किया।’
कहा कि हमारा संबंध कट्टे और राइफल से नहीं, बल्कि कलम और किताब से है। जो हमारे आदर्श हैं, उन्हीं की बदौलत वर्ष 2003 में छात्रसंघ का ताला खुला। ताला न खुलता तो आरोप लगाने वाले न तो छात्रसंघ में न तो पदाधिकारी होते और न ही उन्हें छात्रसंघ भवन की प्राचीर से खड़े होकर बोलने का मौका मिलता। अध्यक्ष ने कहा कि वह बहुत कुछ बोल सकते हैं लेकिन बोलना नहीं चाहते। अगर बोले तो आरोप लगाने वाले यहां से भाग खड़े होंगे। उन्हें बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा लेकिन, वह चाहते हैं कि सभी पदाधिकारी मिलकर छात्र-छात्राओं के हितों के लिए काम करें। किसी की क्या विचारधारा है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एबीवीपी और संघ के लोग जाति-धर्म के नाम पर लड़ाते हैं लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि छात्र की कोई जाति नहीं होती।
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इलाहाबाद। शपथ ग्रहण के दौरान जब महामंत्री शिवम सिंह ने अभिषेक सिंह माइकल के प्रति आभार जताया तो अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने इस पर चुटली ली लेकिन सामने खड़े शिवम सिंह के समर्थकों को यह बात नागवार लगी और उन्होंने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने पहले समर्थकों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस ने लाठी पटककर समर्थकों को वहां से खदेड़ना शुरू कर दिया और वहां भगदड़ मच गई। इसके बाद छात्रसंघ के सामने का मैदान खाली हो गया।
छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने छात्रसंघ भवन की प्राचीर से अपने भाषण के दौरान आरोप लगाया कि हॉलैंड हॉल छात्रावास में आग लगाने वाले एबीवीपी के लोग हैं। उन्हें अपनी हार बर्दाश्त नहीं हुई। अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी हो, वरना छात्रसंघ भवन पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। अध्यक्ष ने कहा कि उनके और निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव समेत कई छात्रों के कमरों में आग लगा दी गई। बम के धमकों से हॉस्टल की छत गिर पड़ी। छात्रों के शैक्षिक अभिलेखा जलकर राख हो गए। हॉस्टल में खड़ी मोटरसाइकिलें फूंक दी गईं। एक छात्रों को कमरे से बाहर निकालकर यह धमकी देते हुए आग लगा दी गई कि उसे मुझे वोट क्यों दिया। इतना कुछ होने के बाद भी अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हॉलैंड हॉल में हुई घटना बेहद शर्मनाक है और यह प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत बताने के लिए काफी है। अगर 48 घंटे में अपराधियों को पकड़कर जेल नहीं भेजा गया तो वह अनशन पर बैठ जाएंगे। अध्यक्ष ने भी 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए अनशन की चेतावनी दी।
- शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को एक-एक पौधा दिया गया। इसके बाद सभी ने प्रो. एनबी सिंह के नेतृत्व में छात्रसंघ भवन के सामने वाले पार्क पर पौधरोपण किया और साथ ही पौधे की देखभाल का संकल्प लिया।
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू के कार्यकाल में इविवि छात्रसंघ में पांचवीं बार छात्रसभा का कोई प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुआ। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समाजवादी छारत्रसभा से निर्वाचित दोनों पदाधिकारियों ने अखिलेश गुप्ता के प्रति अपना आभार जताया।
छात्रसंघ चुनाव के दौरान बीए-एमए पास छात्र ठीक से वोट भी नहीं दे सके। अध्यक्ष पद के लिए मतदान करने पहुंचे 20 वोटरों ने गलत वोट दिए। उन्हें ओएमआर पर दर्ज प्रत्याशी के नाम के आगे का गोला काला करना था। आठ वोटर ऐसे थे, जिन्होंने कई गोले काले कर दिए जबकि 12 वोटरों ने कोई गोला काला नहीं किया। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए सात वोटरों ने कई एक से अधिक प्रत्याशियों के नाम के आगे के गोले काले कर दिए और 46 मतदाताओं ने बूथ तक पहुंचने के बाद भी कोई गोला काला नहीं किया। महासचिव पद के लिए मतदान में 17 वोटरों ने कई गोले काले कर दिए और 26 वोटरों ने अपना वोट ही नहीं दिया। इसी तरह संयुक्त सचिव पद पर 136 वोटर ऐसे थे, जिन्होंने बूथ तक पहुंचने के बावजूद किसी को वोट नहीं दिया और दो वोटरों ने इस पद के लिए कई प्रत्याशियों को वोट दे दिए। उधर, सांस्कृतिक सचिव पद के लिए पांच वोटरों ने मतदान के दौरान कई गोले काले कर दिए और 104 वोटरों ने किसी को वोट नहीं दिया।
छात्रसंघ चुनाव में नोटा को भी जमकर वोट मिले। संयुक्त मंत्री और सांस्कतिक सचिव पद पर तो जीत-हार के अंतर से अधिक वोट नोटा को मिल गए। संयुक्त मंत्री पद के लिए पहले और दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी के वोटों का अंतर 952 है जबकि नोटा को 1165 वोट मिल गए। वहीं, अध्यक्ष पद के लिए मतदान में नोटा को 160, उपाध्यक्ष पद के लिए 46, महामंत्री के लिए 222 वोट नोटा को मिले। वहीं, सांस्कृतिक सचिव पद के लिए नोटा को 382 मत मिले जबकि इस पर के लिए जीत-हार का अंतर 174 वोटों का था।
हॉलैंड हॉल में हुई आगजनी की घटना से आहत एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। रोहित का कहना है कि हॉलैंड हॉल में हुई घटना शर्मनाक है। वहीं, महामंत्री पद एबीवीपी के टिकट पर जीते प्रत्याशी अपनी जीत का श्रेय संगठन के बजाय व्यक्ति विशेष को दे रहे हैं। ऐसे में समारोह में शामिल होने का कोई मतलब नहीं रह गया था। रोहित का कहना है कि एबीवीपी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। यह घटना साबित करती है कि अपराधी भयमुक्त होकर पुलिस की आंख में आंख डालकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। एबीवीपी विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के बिल्कुल खिलाफ है।
इविवि छात्रसंघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को ऑटा अध्यक्ष प्रो. सेवक दुबे ने बधाई दी है। उन्हें विश्वास है कि नए पदाधिकारी छात्रसंघ के गौरवशाली इतिहास के अनुरूप अपने कार्य एवं व्यहार से विश्वविद्यालय को सतत विकास के मार्ग पर अग्रसर करने में अपना सहयोग देंगे।
छात्रसंघ अध्यक्ष की कमान संभालते ही उदय प्रकाश यादव ने साफ कर दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की चुनौतियां कम नहीं होने वाली हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कुलपति को किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने देंगे। कुलपति को विश्वविद्यालय छोड़कर जाना होगा। उदय ने दक्षता भाषण वाले दिन भी कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ मोर्चा खोला था। अधिक समय तक भाषण होने पर जब एक शिक्षक ने अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव को भाषण समाप्त करने के लिए कहा तो उदय ने शालीनता से जवाब दिया, ‘गुरुजी, अब यह छात्रसंघ हमारा है। यहां कौन कितनी देर बोलेगा, अब यह छात्र तय करेंगे।’ अंत में अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा के मसले पर जो भी वादे किए थे, उसे एक माह में पूरा करके दिखाएंगे।
छात्रसंघ के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई की दो पदों पर ऐतिहासिक जीत कांग्रेस की नीतियों की जीत है। यह जीत रोहित वेमुला, मंदसौर में मारे गए किसानों की जीत है, महिला हिंसा के खिलाफ और देश भर में बने खौफ एवं भय के माहौल के खिलाफ जीत है। कहा कि एनएसयूआई को 13 साल बाद ऐतिहासिक जीत मिली है और दो करोड़ को रोजगार के मुद्दे पर देश भर में होने वाली क्रांति की नींव अब इसी छात्रसंघ से रखी जाएगी। उपाध्यक्ष ने अपनी जीत के लिए कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार जताया और कहा कि उन्होंने छात्र-छात्राओं के हित में जो भी वादे किए थे, उसे पूरा करेंगे। उपाध्यक्ष ने अपनी जीत का श्रेय जिन लोगों को दिया, उनमें निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव का नाम भी शामिल रहा।
छात्रसंघ के नवनिर्वाचित महामंत्री शिवम सिंह अपने भाषण के दौरान काफी आक्रामक नजर आए। कहा कि चुनाव से पहले उनके ऊपर तमाम लांछन लगाए गए। वक्त आने पर उसका उचित जवाब दिया जाएगा। यह भी कहा कि छात्रसंघ में एबीवीपी को भले ही एक पद मिला लेकिन एक पदाधिकारी सभी पर भारी पड़ेगा। वह छात्र-छात्राओं की लड़ाई के लिए हर वक्त तैयार हैं। पूरा विश्वविद्यालय और हॉस्टल उनका परिवार है। परिवार पर संकट आया तो संघर्ष में सबसे आगे खड़े दिखाई देंगे। कहा कि यह छात्रसंघ एक नया इतिहास रचेगा।
संयुक्त मंत्री के पद पर निर्वाचित सत्यम सिंह ‘सनी’ ने कहा कि वह किसान के बेटे हैं। उन्होंने गरीबी देखी है और जमीन से जुड़े हैं। वह जानते हैं कि आम छात्र-छात्राओं की समस्याएं क्या होती हैं। उन्होंने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, वह पूरा करने का वक्त आ गया है। छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण ही अब उनका लक्ष्य है।
इविवि छात्रसंघ के सांस्कृतिक सचिव के पद पर निर्वाचित एनएसयूआई के आदित्य सिंह ने अपनी जीत को श्रेय अपने हॉस्टल एसएसएल और वहां रहने वाले छात्रों को दिया। हालांकि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी नाम लिया और एनएसयूआई से प्रत्याशी बनाकर उन पर भरोसा जाने वाले संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के प्रति आभार भी जताया।
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एबीवीपी के टिकट से महामंत्री निर्वाचित हुए शिवम ने कहा कि समाजवादी छात्रसभा का भविष्य भइया-भाभी तय करते हैं। वही उनके आदर्श हैं। लेकिन हम भइया-भाभी की लड़ाई नहीं, बल्कि आम छात्र-छात्राओं की लड़ाई लड़ेंगे। शिवम ने अपनी जीत का श्रेय अभिलेख सिंह ‘माइकल’ को दिया, जिस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। जवाब में अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने भाषण की शुरुआत में ही कहा, ‘मैं अपनी जीत के लिए कुछ लोगों के प्रति आभार जताने जा रहा हूूं, लेकिन, इनमें 25-50 हजार के इनामियां नहीं हैं, बल्कि वो लोग हैं जिन्होंने देश और समाज के लिए बुहत कुछ किया।’
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कहा कि हमारा संबंध कट्टे और राइफल से नहीं, बल्कि कलम और किताब से है। जो हमारे आदर्श हैं, उन्हीं की बदौलत वर्ष 2003 में छात्रसंघ का ताला खुला। ताला न खुलता तो आरोप लगाने वाले न तो छात्रसंघ में न तो पदाधिकारी होते और न ही उन्हें छात्रसंघ भवन की प्राचीर से खड़े होकर बोलने का मौका मिलता। अध्यक्ष ने कहा कि वह बहुत कुछ बोल सकते हैं लेकिन बोलना नहीं चाहते। अगर बोले तो आरोप लगाने वाले यहां से भाग खड़े होंगे। उन्हें बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा लेकिन, वह चाहते हैं कि सभी पदाधिकारी मिलकर छात्र-छात्राओं के हितों के लिए काम करें। किसी की क्या विचारधारा है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एबीवीपी और संघ के लोग जाति-धर्म के नाम पर लड़ाते हैं लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि छात्र की कोई जाति नहीं होती।
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इलाहाबाद। शपथ ग्रहण के दौरान जब महामंत्री शिवम सिंह ने अभिषेक सिंह माइकल के प्रति आभार जताया तो अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने इस पर चुटली ली लेकिन सामने खड़े शिवम सिंह के समर्थकों को यह बात नागवार लगी और उन्होंने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने पहले समर्थकों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस ने लाठी पटककर समर्थकों को वहां से खदेड़ना शुरू कर दिया और वहां भगदड़ मच गई। इसके बाद छात्रसंघ के सामने का मैदान खाली हो गया।
छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने छात्रसंघ भवन की प्राचीर से अपने भाषण के दौरान आरोप लगाया कि हॉलैंड हॉल छात्रावास में आग लगाने वाले एबीवीपी के लोग हैं। उन्हें अपनी हार बर्दाश्त नहीं हुई। अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी हो, वरना छात्रसंघ भवन पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। अध्यक्ष ने कहा कि उनके और निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव समेत कई छात्रों के कमरों में आग लगा दी गई। बम के धमकों से हॉस्टल की छत गिर पड़ी। छात्रों के शैक्षिक अभिलेखा जलकर राख हो गए। हॉस्टल में खड़ी मोटरसाइकिलें फूंक दी गईं। एक छात्रों को कमरे से बाहर निकालकर यह धमकी देते हुए आग लगा दी गई कि उसे मुझे वोट क्यों दिया। इतना कुछ होने के बाद भी अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हॉलैंड हॉल में हुई घटना बेहद शर्मनाक है और यह प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत बताने के लिए काफी है। अगर 48 घंटे में अपराधियों को पकड़कर जेल नहीं भेजा गया तो वह अनशन पर बैठ जाएंगे। अध्यक्ष ने भी 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए अनशन की चेतावनी दी।
- शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को एक-एक पौधा दिया गया। इसके बाद सभी ने प्रो. एनबी सिंह के नेतृत्व में छात्रसंघ भवन के सामने वाले पार्क पर पौधरोपण किया और साथ ही पौधे की देखभाल का संकल्प लिया।
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू के कार्यकाल में इविवि छात्रसंघ में पांचवीं बार छात्रसभा का कोई प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुआ। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समाजवादी छारत्रसभा से निर्वाचित दोनों पदाधिकारियों ने अखिलेश गुप्ता के प्रति अपना आभार जताया।
छात्रसंघ चुनाव के दौरान बीए-एमए पास छात्र ठीक से वोट भी नहीं दे सके। अध्यक्ष पद के लिए मतदान करने पहुंचे 20 वोटरों ने गलत वोट दिए। उन्हें ओएमआर पर दर्ज प्रत्याशी के नाम के आगे का गोला काला करना था। आठ वोटर ऐसे थे, जिन्होंने कई गोले काले कर दिए जबकि 12 वोटरों ने कोई गोला काला नहीं किया। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए सात वोटरों ने कई एक से अधिक प्रत्याशियों के नाम के आगे के गोले काले कर दिए और 46 मतदाताओं ने बूथ तक पहुंचने के बाद भी कोई गोला काला नहीं किया। महासचिव पद के लिए मतदान में 17 वोटरों ने कई गोले काले कर दिए और 26 वोटरों ने अपना वोट ही नहीं दिया। इसी तरह संयुक्त सचिव पद पर 136 वोटर ऐसे थे, जिन्होंने बूथ तक पहुंचने के बावजूद किसी को वोट नहीं दिया और दो वोटरों ने इस पद के लिए कई प्रत्याशियों को वोट दे दिए। उधर, सांस्कृतिक सचिव पद के लिए पांच वोटरों ने मतदान के दौरान कई गोले काले कर दिए और 104 वोटरों ने किसी को वोट नहीं दिया।
छात्रसंघ चुनाव में नोटा को भी जमकर वोट मिले। संयुक्त मंत्री और सांस्कतिक सचिव पद पर तो जीत-हार के अंतर से अधिक वोट नोटा को मिल गए। संयुक्त मंत्री पद के लिए पहले और दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी के वोटों का अंतर 952 है जबकि नोटा को 1165 वोट मिल गए। वहीं, अध्यक्ष पद के लिए मतदान में नोटा को 160, उपाध्यक्ष पद के लिए 46, महामंत्री के लिए 222 वोट नोटा को मिले। वहीं, सांस्कृतिक सचिव पद के लिए नोटा को 382 मत मिले जबकि इस पर के लिए जीत-हार का अंतर 174 वोटों का था।
हॉलैंड हॉल में हुई आगजनी की घटना से आहत एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। रोहित का कहना है कि हॉलैंड हॉल में हुई घटना शर्मनाक है। वहीं, महामंत्री पद एबीवीपी के टिकट पर जीते प्रत्याशी अपनी जीत का श्रेय संगठन के बजाय व्यक्ति विशेष को दे रहे हैं। ऐसे में समारोह में शामिल होने का कोई मतलब नहीं रह गया था। रोहित का कहना है कि एबीवीपी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। यह घटना साबित करती है कि अपराधी भयमुक्त होकर पुलिस की आंख में आंख डालकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। एबीवीपी विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के बिल्कुल खिलाफ है।
इविवि छात्रसंघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को ऑटा अध्यक्ष प्रो. सेवक दुबे ने बधाई दी है। उन्हें विश्वास है कि नए पदाधिकारी छात्रसंघ के गौरवशाली इतिहास के अनुरूप अपने कार्य एवं व्यहार से विश्वविद्यालय को सतत विकास के मार्ग पर अग्रसर करने में अपना सहयोग देंगे।
छात्रसंघ अध्यक्ष की कमान संभालते ही उदय प्रकाश यादव ने साफ कर दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की चुनौतियां कम नहीं होने वाली हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कुलपति को किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने देंगे। कुलपति को विश्वविद्यालय छोड़कर जाना होगा। उदय ने दक्षता भाषण वाले दिन भी कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ मोर्चा खोला था। अधिक समय तक भाषण होने पर जब एक शिक्षक ने अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव को भाषण समाप्त करने के लिए कहा तो उदय ने शालीनता से जवाब दिया, ‘गुरुजी, अब यह छात्रसंघ हमारा है। यहां कौन कितनी देर बोलेगा, अब यह छात्र तय करेंगे।’ अंत में अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा के मसले पर जो भी वादे किए थे, उसे एक माह में पूरा करके दिखाएंगे।
छात्रसंघ के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई की दो पदों पर ऐतिहासिक जीत कांग्रेस की नीतियों की जीत है। यह जीत रोहित वेमुला, मंदसौर में मारे गए किसानों की जीत है, महिला हिंसा के खिलाफ और देश भर में बने खौफ एवं भय के माहौल के खिलाफ जीत है। कहा कि एनएसयूआई को 13 साल बाद ऐतिहासिक जीत मिली है और दो करोड़ को रोजगार के मुद्दे पर देश भर में होने वाली क्रांति की नींव अब इसी छात्रसंघ से रखी जाएगी। उपाध्यक्ष ने अपनी जीत के लिए कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति आभार जताया और कहा कि उन्होंने छात्र-छात्राओं के हित में जो भी वादे किए थे, उसे पूरा करेंगे। उपाध्यक्ष ने अपनी जीत का श्रेय जिन लोगों को दिया, उनमें निवर्तमान अध्यक्ष अवनीश यादव का नाम भी शामिल रहा।
छात्रसंघ के नवनिर्वाचित महामंत्री शिवम सिंह अपने भाषण के दौरान काफी आक्रामक नजर आए। कहा कि चुनाव से पहले उनके ऊपर तमाम लांछन लगाए गए। वक्त आने पर उसका उचित जवाब दिया जाएगा। यह भी कहा कि छात्रसंघ में एबीवीपी को भले ही एक पद मिला लेकिन एक पदाधिकारी सभी पर भारी पड़ेगा। वह छात्र-छात्राओं की लड़ाई के लिए हर वक्त तैयार हैं। पूरा विश्वविद्यालय और हॉस्टल उनका परिवार है। परिवार पर संकट आया तो संघर्ष में सबसे आगे खड़े दिखाई देंगे। कहा कि यह छात्रसंघ एक नया इतिहास रचेगा।
संयुक्त मंत्री के पद पर निर्वाचित सत्यम सिंह ‘सनी’ ने कहा कि वह किसान के बेटे हैं। उन्होंने गरीबी देखी है और जमीन से जुड़े हैं। वह जानते हैं कि आम छात्र-छात्राओं की समस्याएं क्या होती हैं। उन्होंने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, वह पूरा करने का वक्त आ गया है। छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण ही अब उनका लक्ष्य है।
इविवि छात्रसंघ के सांस्कृतिक सचिव के पद पर निर्वाचित एनएसयूआई के आदित्य सिंह ने अपनी जीत को श्रेय अपने हॉस्टल एसएसएल और वहां रहने वाले छात्रों को दिया। हालांकि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी नाम लिया और एनएसयूआई से प्रत्याशी बनाकर उन पर भरोसा जाने वाले संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के प्रति आभार भी जताया।