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Prayagraj News: क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:37 AM IST
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The elder needs forgiveness, the younger one needs trouble
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मातृ देवो भव और क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात जैसी युक्तियों के जरिये एक मां-बेटी के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने की पहल की। कोर्ट ने बेटी को रांची अस्पताल में भर्ती मां से मुलाकात करने और इलाज खर्च का 25 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने प्रयागराज की संगीता कुमारी की याचिका पर दिया।
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कोर्ट ने कहा कि याची अपनी मां के प्रति अपना दायित्व निभाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मातृ देवो भव और क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात। इसलिए बड़ों को क्षमा कर देना चाहिए। कोर्ट ने मां-बेटी के मिलने की रिपोर्ट भी मांगी है। इससे पहले कोर्ट ने याची की ओर से 50 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर मां को बुलाया था। मुकदमे के तहत याची के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
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मां के अधिवक्ता ने बताया कि याची की शिकायतकर्ता मां रांची के अस्पताल में भर्ती है। इसलिए वह कोर्ट नहीं आ सकती। इस पर कोर्ट ने याची को एक सप्ताह में अस्पताल में अपनी मां से मुलाकात करने का निर्देश दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि इस मुलाकात से कुछ सही होगा। मां ने याची के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इससे बचने के लिए याची ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
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