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संगम पर श्रद्धालुओं की भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sat, 04 Apr 2015 11:52 PM IST
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चैत्र पूर्णिमा शनिवार को आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान संगम सहित गंगा-यमुना में स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने ग्रहण के दौरान व समाप्ति पर यथा संभव दान भी किया। मंदिरों में ग्रहण के दौरान विशेष मंत्रों का जप हुआ।
हालांकि ग्रहण का स्पर्श काल दोपहर 3.46 बजे से आरंभ हुआ पर मंदिरों के कपाट सूर्योदय के साथ ग्रहण का सूतक शुरू होते ही बंद हो गए। इस दौरान देव प्रतिमाओं का पूजा अर्चना भोग आदि नहीं हुआ।
ग्रहणकाल आरंभ होते ही संगम पर स्नान किया कइयों ने इष्ट मंत्रों का जप भी किया। ग्रहण की समाप्ति शाम 7बजकर 15 मिनट पर समाप्त हुआ। जयकारों से संगमक्षेत्र गूंज उठा। स्नान कर लोगों ने पूजा अर्चना की। यथा शक्ति दान कर बजरंगबली के दर्शन पूजन को चल पड़े। बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में कतार लगी। ग्रहणकाल में गर्भवती महिलाओं ने विशेष सावधानी बरती। इस दौरान सब्जी आदि नहीं काटी। पेट पर गेरु भी लगाया।
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हालांकि ग्रहण का स्पर्श काल दोपहर 3.46 बजे से आरंभ हुआ पर मंदिरों के कपाट सूर्योदय के साथ ग्रहण का सूतक शुरू होते ही बंद हो गए। इस दौरान देव प्रतिमाओं का पूजा अर्चना भोग आदि नहीं हुआ।
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ग्रहणकाल आरंभ होते ही संगम पर स्नान किया कइयों ने इष्ट मंत्रों का जप भी किया। ग्रहण की समाप्ति शाम 7बजकर 15 मिनट पर समाप्त हुआ। जयकारों से संगमक्षेत्र गूंज उठा। स्नान कर लोगों ने पूजा अर्चना की। यथा शक्ति दान कर बजरंगबली के दर्शन पूजन को चल पड़े। बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में कतार लगी। ग्रहणकाल में गर्भवती महिलाओं ने विशेष सावधानी बरती। इस दौरान सब्जी आदि नहीं काटी। पेट पर गेरु भी लगाया।
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