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करारी पुलिस की मनमानी पर लगाई फटकार
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करारी पुलिस की मनमानी पर कोर्ट ने लगाई फटकार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। गलत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपी युवक को चालान भेजने पर एसीजेएम कोर्ट ने करारी पुलिस को जमकर फटकार लगाई। साथ ही हिदायत दी कि वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए इस तरह के मामलों में दोबारा किसी का चालान नहीं किया जाए।
चायल कस्बा निवासी श्यामपाल ने एक घटना को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। पुलिस ने श्यामपाल के खिलाफ सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने आधी रात को घर में दबिश देकर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर अगले दिन चालान न्यायालय भेज दिया। आरोपी युवक के अधिवक्ता हरिणांक द्विवेदी ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी। इस पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम विजय कुमार की कोर्ट ने करारी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सवाल किया कि किन परिस्थितियों में आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में धारा 384 लगाई गई। कोर्ट ने आरोपी की बेल मंजूर करने के साथ ही लॉक डाउन की अवधि में सात साल तक की सजा वाले मुकदमे के आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं करने की भी हिदायत दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। गलत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपी युवक को चालान भेजने पर एसीजेएम कोर्ट ने करारी पुलिस को जमकर फटकार लगाई। साथ ही हिदायत दी कि वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए इस तरह के मामलों में दोबारा किसी का चालान नहीं किया जाए।
चायल कस्बा निवासी श्यामपाल ने एक घटना को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। पुलिस ने श्यामपाल के खिलाफ सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने आधी रात को घर में दबिश देकर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर अगले दिन चालान न्यायालय भेज दिया। आरोपी युवक के अधिवक्ता हरिणांक द्विवेदी ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी। इस पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम विजय कुमार की कोर्ट ने करारी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सवाल किया कि किन परिस्थितियों में आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में धारा 384 लगाई गई। कोर्ट ने आरोपी की बेल मंजूर करने के साथ ही लॉक डाउन की अवधि में सात साल तक की सजा वाले मुकदमे के आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं करने की भी हिदायत दी।
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