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परिषद करेगा फर्जी संतों की पड़ताल

Mon, 30 May 2016 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 30 May 2016 01:02 AM IST
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The Council will examine the fake saints
Ganga - फोटो : bbc
पहले आसाराम बापू, फिर सच्चिदानंद, राधे मां और अब परमानंद जैसे बाबाओं की करतूतों के उजागर होने के बाद संत समाज में हड़कंप मचा हुआ है। संत समाज ऐसे बाबाओं से कन्नी काटने और किनारा करने की तैयारी में हैं। आम जनता के बीच संत बनाकर उन्हें बरगलाने वालों से पूरा संत समाज अपमानित, कलंकित होता है, ऐसे में संतों ने तय किया है कि जो मछली पूरे तालाब को गंदा करे, उसे बाहर किया जाए।
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फर्जी संतों की पड़ताल और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अखाड़ों ने कमर कसी है। पहले हर अखाड़ा ही अपने भीतर के फर्जी संतों या उनकी परंपरा से जुड़े फर्जी संतों की पड़ताल करेगी। इसके बाद उनते मुद्दे को अखाड़ा परिषद की जांच कमेटी में रखा जाएगा और वहां की संस्तुति के बाद आरोपी बाबा को संत समाज से बहिष्कृत करते हुए जनता को भी उससे बचने की सलाह दी जाएगी।
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परमानंद की करतूतों केउजागर होने के बाद अखाड़ा परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई कि जो लोग अखाड़ों से जुड़कर जनभावनाओं से खिलवाड़ करते हुए पूरे संत समाज को कलंकित कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित किया जाए। ऐसे कथित संत आपराधिक मामलों में भी शामिल रहे हैं और अपने बचाव के लिए कथावाचक या बाबा बन बैठे हैं। ऐसे कथित संतों की जांच के लिए परिषद की ओर से अखाड़े से दीक्षित संतों की कमेटी बनाई जाएगी।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक कमेटी में सभी अखाड़ों  के पदाधिकारियों सहित प्रमुख मठों के मठाधीशों को भी नामित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। कमेटी के पास जो कोई मुद्दा आएगा, उस पर सदस्यों की टिप्पणी के बाद उसे आमसभा में संस्तुति के लिए रखा जाएगा। कमेटी के निर्णय से समाज सहित प्रशासन को भी अवगत कराया जाएगा। मुहिम की शुरुआत गंगा दशहरा से होगी।


सनातन धर्म से जुड़े सभी दीक्षित संतों की सूची तैयार की जाएगी। इनके पास उनके अखाडे़ का पहचान पत्र भी होगा। ऐसे में संत परंपरा से इतर रहने के बावजूद अपने को संत कहने वालों को बेनकाब किया जा सकेगा। यह जरूरी है ताकि लोगों की आस्था आहत न हो।
- स्वामी रामकृष्णानंद, आचार्य महामंडलेश्वर, अग्नि अखाड़ा
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