{"_id":"572124684f1c1bf631a9268c","slug":"the-commission-will-revise-the-third-result","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयोग का तीसरा परिणाम होगा संशोधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयोग का तीसरा परिणाम होगा संशोधित
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 28 Apr 2016 02:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का विवादों और परेशानियों से नाता खत्म होता नहीं दिख रहा। गलत जवाब को सही माने जाने को लेकर आपत्तियों का सिलसिला अब भी बना हुआ है। इसकी वजह से आयोग को दो बार पूर्व में भी परिणाम बदलना पड़ा। पीसीएस जे-2015 का तो साक्षात्कार भी हो चुका है। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट बदले जाने की स्थिति में मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार भी दोबारा कराना पड़ेगा। हालांकि अग्रिम कार्रवाई के लिए आयोग के अफसरों को हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने का इंतजार है।
गलत जवाब को सही माने जाने की वजह से आयोग के सामने दूसरी बार पीसीएस-जे का रिजल्ट बदलने की चुनौती है। पीसीएस-जे 2013 में प्रारंभिक परीक्षा में 15 प्रश्नों के गलत जवाब को आयोग ने सही मान लिया था। हालांकि उस समय मुख्य परीक्षा नहीं हुई थी। ऐसे में संशोधित परिणाम घोषित कर दिया गया। इसी तरह से त्रिस्तरीय आरक्षण को लेकर विवाद के बाद आयोग को पीसीएस-2011 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी बदलना पड़ा था। उसकी भी मुख्य परीक्षा नहीं हुई थी। अब पीसीएस-जे 2015 प्रारंभिक परीक्षा के दो सवालों के आयोग के जवाब को गलत माना गया है। हाईकोर्ट ने इसके अनुसार संशोधित परिणाम घोषित करने का भी आदेश दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि इसकी मुख्य परीक्षा हो चुकी है। बुधवार को साक्षात्कार भी खत्म हो गया। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम बदलता है तो उसके अनुसार नए सिरे से मुख्य परीक्षा और फिर साक्षात्कार कराना पड़ेगा। आयोग के सचिव सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी अभी मिली नहीं है। उसकी प्रति मिलने पर आयोग के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीसीएस-2016 प्री की उत्तर कुंजी जारी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी बुधवार को जारी कर दी। आयोग ने सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नों को बाहर कर दिया है। आयोग की वेबसाइट पर एक मई तक उत्तर कुंजी देखी जा सकती है। अभ्यर्थी निर्धारित फार्मेट में दो मई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
उत्तर कुंजी जारी होने के साथ जवाब को लेकर विवाद भी शुरू हो गए हैं। आयोग ने दो प्रश्न ‘विश्व के कितने देशों में अनिवार्य मतदान आवश्यक है?’ और ‘पृथिव्या प्रथम वीर उपाधि किसकी थी?’ बाहर कर दिए हैं। जबकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों प्रश्न के सही जवाब विकल्प में हैं। आयोग के कई प्रश्नों के जवाब पर भी प्रतियोगियों ने आपत्ति उठाई है। एक-दो दिनाें में उनकी ओर से ओर से आयोग में प्रत्यावेदन दिया जाएगा। आयोग के अनुसार रक्त कैंसर के उपचार में कोबाल्ट-60 प्रभावी होता है, जबकि प्रतियोगियों का कहना है कि इसका सही जवाब फास्फोरस-32 है। प्रश्न भोज्य पदार्थों में किसमें सभी अनिवार्य एनिमो अम्ल उपलब्ध हैं?
आयोग ने सही जवाब अंडा माना है। इसके विपरीत प्रतियोगियों का कहना है कि चारों में कोई विकल्प सही नहीं है। आयोग का कहना है कि पश्चिमी भारत में डीके कर्वे का नाम स्त्री शिक्षा से जुड़ा है। प्रतियोगियों का कहना है कि इसका सही जवाब स्त्री शिक्षा के साथ विधवा पुनर्विवाह से भी जुड़ा है। आयोग के अनुसार हाल ही में खोजी गई सबसे महंगी धातु कैलिफोर्नियम-252 है। जबकि प्रतियोगियों के अनुसार एंडोहेड्रेल कुलरीन है। प्रतियोगियों का कहना है कि चाय का सबसे बड़ा निर्यातक देश चीन है, जबकि आयोग ने केन्या को सही माना है। प्रतियोगियों ने मिस्ट्रल हवा से संबंधित प्रश्न के जवाब को भी गलत बता रहे हैं। इनके अलावा भी उनका कई प्रश्नों के जवाब पर उन्हें आपत्ति है।
विज्ञापन
गलत जवाब को सही माने जाने की वजह से आयोग के सामने दूसरी बार पीसीएस-जे का रिजल्ट बदलने की चुनौती है। पीसीएस-जे 2013 में प्रारंभिक परीक्षा में 15 प्रश्नों के गलत जवाब को आयोग ने सही मान लिया था। हालांकि उस समय मुख्य परीक्षा नहीं हुई थी। ऐसे में संशोधित परिणाम घोषित कर दिया गया। इसी तरह से त्रिस्तरीय आरक्षण को लेकर विवाद के बाद आयोग को पीसीएस-2011 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी बदलना पड़ा था। उसकी भी मुख्य परीक्षा नहीं हुई थी। अब पीसीएस-जे 2015 प्रारंभिक परीक्षा के दो सवालों के आयोग के जवाब को गलत माना गया है। हाईकोर्ट ने इसके अनुसार संशोधित परिणाम घोषित करने का भी आदेश दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि इसकी मुख्य परीक्षा हो चुकी है। बुधवार को साक्षात्कार भी खत्म हो गया। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम बदलता है तो उसके अनुसार नए सिरे से मुख्य परीक्षा और फिर साक्षात्कार कराना पड़ेगा। आयोग के सचिव सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी अभी मिली नहीं है। उसकी प्रति मिलने पर आयोग के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पीसीएस-2016 प्री की उत्तर कुंजी जारी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी बुधवार को जारी कर दी। आयोग ने सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नों को बाहर कर दिया है। आयोग की वेबसाइट पर एक मई तक उत्तर कुंजी देखी जा सकती है। अभ्यर्थी निर्धारित फार्मेट में दो मई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
उत्तर कुंजी जारी होने के साथ जवाब को लेकर विवाद भी शुरू हो गए हैं। आयोग ने दो प्रश्न ‘विश्व के कितने देशों में अनिवार्य मतदान आवश्यक है?’ और ‘पृथिव्या प्रथम वीर उपाधि किसकी थी?’ बाहर कर दिए हैं। जबकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों प्रश्न के सही जवाब विकल्प में हैं। आयोग के कई प्रश्नों के जवाब पर भी प्रतियोगियों ने आपत्ति उठाई है। एक-दो दिनाें में उनकी ओर से ओर से आयोग में प्रत्यावेदन दिया जाएगा। आयोग के अनुसार रक्त कैंसर के उपचार में कोबाल्ट-60 प्रभावी होता है, जबकि प्रतियोगियों का कहना है कि इसका सही जवाब फास्फोरस-32 है। प्रश्न भोज्य पदार्थों में किसमें सभी अनिवार्य एनिमो अम्ल उपलब्ध हैं?
आयोग ने सही जवाब अंडा माना है। इसके विपरीत प्रतियोगियों का कहना है कि चारों में कोई विकल्प सही नहीं है। आयोग का कहना है कि पश्चिमी भारत में डीके कर्वे का नाम स्त्री शिक्षा से जुड़ा है। प्रतियोगियों का कहना है कि इसका सही जवाब स्त्री शिक्षा के साथ विधवा पुनर्विवाह से भी जुड़ा है। आयोग के अनुसार हाल ही में खोजी गई सबसे महंगी धातु कैलिफोर्नियम-252 है। जबकि प्रतियोगियों के अनुसार एंडोहेड्रेल कुलरीन है। प्रतियोगियों का कहना है कि चाय का सबसे बड़ा निर्यातक देश चीन है, जबकि आयोग ने केन्या को सही माना है। प्रतियोगियों ने मिस्ट्रल हवा से संबंधित प्रश्न के जवाब को भी गलत बता रहे हैं। इनके अलावा भी उनका कई प्रश्नों के जवाब पर उन्हें आपत्ति है।