फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The case of death of Mahant Narendra Giri: Anand hurt the reputation of the monastery and the temple, hence removed from the will

महंत नरेंद्र गिरि की मौत का मामला : मठ और मंदिर की प्रतिष्ठा को आनंद ने ठेस पहुंचाई, इसीलिए वसीयत से हटाया 

Thu, 25 Nov 2021 02:21 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 25 Nov 2021 02:21 AM IST
सार

महंत ने आस्ट्रेलिया का नाम नहीं लिया लेकिन लिखा कि विदेशों में धर्म विरोधी गतिविधियों में आनंद शामिल। गंगा सेना बनाई जिसका बाघंबरी मठ और हनुमान मंदिर से कोई ताल्लुक नहीं।

विज्ञापन
The case of death of Mahant Narendra Giri: Anand hurt the reputation of the monastery and the temple, hence removed from the will
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि और योग गुरु आनंद गिरि। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

महंत ने नरेंद्र गिरि ने दस साल के अंदर तीन वसीयतें लिखी थीं लेकिन अंतिम वसीयत में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आनंद ने मठ और मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई। इसीलिए उन्हें उत्तराधिकारी के पद से हटाया जा रहा है। नरेंद्र गिरि ने वसीयत में आस्ट्रेलिया का नाम तो नहीं लिखा लेकिन इशारों में बताया कि वह विदेशों में धर्मविरोधी गतिविधियों में शामिल था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मठ, मंदिर और साधु समाज की छवि को नुकसान पहुंचा। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में तीनों वसीयतों को भी भी आधार बनाया है। 

विज्ञापन


 नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को अधिवक्ता ऋषि शंकर द्विवेदी के मार्फत नई वसीयत बनवाई थी। इसमें उन्होंने स्वामी बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी घोषित करते हुए आनंद गिरि को हटा दिया था। नई वसीयत में नरेंद्र गिरि ने लिखा था कि आनंद गिरि ने बाघंबरी मठ से अलग गंगा सेना नाम का संगठन बनाया है। इसका मठ और मंदिर से कोई संबंध नहीं। आनंद अक्सर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए विदेश जाते रहते हैं।

विज्ञापन

The case of death of Mahant Narendra Giri: Anand hurt the reputation of the monastery and the temple, hence removed from the will
आनंद गिरि - फोटो : सोशल मीडिया

महंत ने इशारे में आस्ट्रेलिया में आनंद की गिरफ्तारी को बनाया आधार
विदेशों में आनंद ने खुद को धर्मविरोधी गतिविधियों में शामिल कर लिया, जिसके कारण बाघंबरी मठ और हनुमान मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने इशारों में ही आस्ट्रेलिया में आनंद की गिरफ्तारी को इसका आधार बनाया था। इन्हीं सब तमाम कारणों से आनंद गिरि को उत्तराधिकारी पद से हटा दिया गया था। इससे पहले 29 अगस्त 2011 को नरेंद्र गिरि ने दूसरी वसीयत में आनंद गिरि को उत्तराधिकारी नियुक्त किया था।

नरेंद्र गिरि ने अपनी पहली वसीयत सात जनवरी 2010 को लिखी थी। इसमें उन्होंने स्वामी बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाया था। सीबीआई ने नरेंद्र गिरि की तीनों वसीयतों का उल्लेख चार्जशीट में किया है। 

विज्ञापन

The case of death of Mahant Narendra Giri: Anand hurt the reputation of the monastery and the temple, hence removed from the will
आनंद गिरि - फोटो : अमर उजाला

सुसाइड पूर्व वीडियो सबसे बड़ा सुबूत, फोरेंसिक एक्सपर्ट ने सही माना 
नरेंद्र गिरि ने अपनी मौत से पहले सुसाइड पूर्व वीडियो बनाया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि खुदकुशी करने जा रहे हैं। इसकी वजह उन्होंने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को बताई। कारण वही आपत्तिजनक वीडियो था, जिसका उन्होंने सुसाइड नोट में उल्लेख किया था। सीबीआई को उनके मोबाइल से दो वीडियो बरामद हुए थे, जो नरेंद्र गिरि ने बनाए थे। दोनों वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई गई। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने दोनों वीडियो को सही माना। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed