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पेड़ से लटकता मिला छात्र का शव

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 05 Mar 2017 01:54 AM IST
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 धार्मिक स्थल पर तैनात पुलिस व टूटा लटकता लाउडस्पीकर।
धार्मिक स्थल पर तैनात पुलिस व टूटा लटकता लाउडस्पीकर। - फोटो : amar ujala
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शनिवार की सुबह नदी के किनारे स्थित गूलर के पेड़ से एक छात्र का शव लटकता हुआ मिला। लटकते शव को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक तरफ जहां इलाकाई पुलिस इस प्रकरण को आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों द्वारा छात्र को मारकर लटकाने की भी आशंका व्यक्त की जा रही है।
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संदीप पाल (20) बभनपट्टी ग्राम पंचायत अंतर्गत भौंरहा मजरे के रहने वाले रमाशंकर पाल का इकलौता पुत्र था। वह स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र था। उसकी शादी 2 जून को संबंधित थाना क्षेत्र के मोजरा गंाव में होने वाली थी। संदीप सूरत में रहकर नौकरी भी करता था। उसकी 6 मार्च से परीक्षा थी। इसलिए वह 2 मार्च को अपने घर आ गया था। पिता रमाशंकर की तबीयत खराब थी, इसलिए संदीप उन्हें शुक्रवार को कोरांव लाकर उनका उपचार कराया था। कोरांव से घर वापस आने के बाद वह अपने परिजनाें के साथ भोजन भी किया। भोजन के बाद संदीप शौच के लिए घर से बाहर निकला और फिर वापस नहीं आया। सुबह जब ग्रामीण संदीप के घर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित नदी के पास शौच के लिए गए तो नदी के किनारे स्थित गूलर के पेड़ से लटकती उसकी लाश देखी गई।


इस समाचार से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणाें का कहना है कि संदीप बहुत सौम्य स्वभाव का लड़का था। उसे किसी प्रकार की न तो कोई परेशानी थी और न ही उसका किसी से विवाद ही था। संपत्ति के बंटवारे को लेकर उसका अपने परिवार वालों से विवाद चल रहा था। अभी रमाशंकर, दयाशंकर व हीरामणि तीनों भाइयों की भेड़ें एक में ही थी। इस वर्ष लगभग दो लाख रुपयों की भेड़ें बेची गई थीं। इस पैसे में अब तक रमाशंकर का हिस्सा नहीं दिया गया था। फिलहाल पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या अथवा आत्महत्या का मामला प्रकाश में आएगा। लेकिन समाचार लिखे जाने तक संदीप के पिता रमाशंकर द्वारा इलाकाई पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई थी।

जिस रस्सी से संदीप की लाश गूलर के पेड़ से लटक रही थी, उस रस्सी को लाश उतारने के बाद मृतक के चाचा दयाशंकर के द्वारा नदी में फेक दिया गया। थानाध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह द्वारा काफी खोजबीन किए जाने के बावजूद रस्सी बरामद नहीं की जा सकी। ग्रामीणों को आशंका है कि रस्सी के माध्यम से मृतक के हत्या अथवा आत्महत्या की गुत्थी सुलझ सकती थी। हो सकता है इसीलिए उसे जानबूझकर नदी में फेंका गया हो।
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