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रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में मिला 10वीं के छात्र का शव
Sat, 04 May 2019 01:57 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 04 May 2019 01:57 AM IST
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Broken railway track
- फोटो : social media
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सूबेदारगंज स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर 10वीं के छात्र का शव दो हिस्सों में बंटा मिला। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। हालांकि, छात्र ने ऐसा क्यों किया, इसकी वजह फिलहाल वह नहीं बता सकी है। मृतक कानपुर में तैनात दरोगा का भतीजा था। पोस्टमार्टम के बाद शाम को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
राघवेंद्र प्रताप सिंह (16) उर्फ सनी पुत्र अशोक कुमार मूल रूप से कौशाम्बी के शाखा, सैनी का रहने वाला था। वह धूमनगंज स्थित स्कूल में पढ़ता था और इस बार सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा दी थी। उसके पिता घर पर ही रहकर खेती करते हैं। चाचा रामानुज सिंह पुलिस विभाग के परिवहन शाखा में दरोगा हैं और मौजूदा समय में उनकी तैनाती कानपुर में है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार धूमनगंज स्थित चार बटालियन पीएसी परिसर में बने सरकारी आवास में रहता है। बचपन से ही राघवेंद्र उनके साथ रहता था। बताया कि उनका एक घर महेंद्र नगर में भी है, जहां रोज रात को उनके बड़े बेटे के साथ राघवेंद्र भी सोने जाता था। बृहस्पतिवार को बड़ा बेटा गांव चला गया था।
उधर, खाना खाने के बाद रात 11 बजे के करीब राघवेंद्र दूसरे मकान पर जाने के लिए बाइक लेकर घर से निकला। सुबह करीब चार बजे सूबेदारगंज स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर उसका क्षतविक्षत शव मिलने पर हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो कुछ दूर पर ही बाइक व मोबाइल पड़ा मिला। मोबाइल के जरिए बात की गई तो पता चला कि शव राघवेंद्र का है। जानकारी पर परिजनों में कोहराम मच गया। वह रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर सुबह दरोगा रामानुज भी पहुंच गए। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। घरवालों ने किसी रंजिश की बात से इंकार किया है। जांच की जा रही है।
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घटना से परिवार में कोहराम मचा रहा। चाचा रामानुज का कहना था कि राघवेंद्र को उन्होंने अपने बेटे की तरह ही पाला था। कभी किसी तरह की परेशानी की बात उसने नहीं बताई। रात में वह महेंद्र नगर स्थित मकान पर भी गया था। मोहल्लेवालों ने बताया कि बिजली गुल होने के बाद रात 12 बजे के करीब वह घर से अकेला ही बाइक लेकर निकला। इसके बाद वह रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया, इस बारे में कुछ पता नहीं। उधर, पुलिस का कहना है कि घरवालों से बातचीत में यह पता चला है कि कुछ ही दिनों में उसका रिजल्ट आने वाला था। ऐसे में हो सकता है कि वह इसे लेकर तनाव में हो। हालांकि रामानुज का कहना है कि राघवेंद्र ने कभी उनसे इस तरह की कोई बात नहीं बताई।
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राघवेंद्र प्रताप सिंह (16) उर्फ सनी पुत्र अशोक कुमार मूल रूप से कौशाम्बी के शाखा, सैनी का रहने वाला था। वह धूमनगंज स्थित स्कूल में पढ़ता था और इस बार सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा दी थी। उसके पिता घर पर ही रहकर खेती करते हैं। चाचा रामानुज सिंह पुलिस विभाग के परिवहन शाखा में दरोगा हैं और मौजूदा समय में उनकी तैनाती कानपुर में है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार धूमनगंज स्थित चार बटालियन पीएसी परिसर में बने सरकारी आवास में रहता है। बचपन से ही राघवेंद्र उनके साथ रहता था। बताया कि उनका एक घर महेंद्र नगर में भी है, जहां रोज रात को उनके बड़े बेटे के साथ राघवेंद्र भी सोने जाता था। बृहस्पतिवार को बड़ा बेटा गांव चला गया था।
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उधर, खाना खाने के बाद रात 11 बजे के करीब राघवेंद्र दूसरे मकान पर जाने के लिए बाइक लेकर घर से निकला। सुबह करीब चार बजे सूबेदारगंज स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर उसका क्षतविक्षत शव मिलने पर हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो कुछ दूर पर ही बाइक व मोबाइल पड़ा मिला। मोबाइल के जरिए बात की गई तो पता चला कि शव राघवेंद्र का है। जानकारी पर परिजनों में कोहराम मच गया। वह रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर सुबह दरोगा रामानुज भी पहुंच गए। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। घरवालों ने किसी रंजिश की बात से इंकार किया है। जांच की जा रही है।
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घटना से परिवार में कोहराम मचा रहा। चाचा रामानुज का कहना था कि राघवेंद्र को उन्होंने अपने बेटे की तरह ही पाला था। कभी किसी तरह की परेशानी की बात उसने नहीं बताई। रात में वह महेंद्र नगर स्थित मकान पर भी गया था। मोहल्लेवालों ने बताया कि बिजली गुल होने के बाद रात 12 बजे के करीब वह घर से अकेला ही बाइक लेकर निकला। इसके बाद वह रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गया, इस बारे में कुछ पता नहीं। उधर, पुलिस का कहना है कि घरवालों से बातचीत में यह पता चला है कि कुछ ही दिनों में उसका रिजल्ट आने वाला था। ऐसे में हो सकता है कि वह इसे लेकर तनाव में हो। हालांकि रामानुज का कहना है कि राघवेंद्र ने कभी उनसे इस तरह की कोई बात नहीं बताई।