Prayagraj : सोनौटी के कछार में दफनाई गईं लाशों का होगा अंतिम संस्कार, नगर निगम की टीम, लिया जायजा
कोरोना काल के दौरान झूंसी के छतनाग श्मशान घाट के किनारे कई लाशें रेत में दफनाई गई थीं। हो-हल्ला मचा तो सभी को रेत से निकालकर नगर निगम कर्मियों की मौजूदगी में जलाया गया। वैसे ही हालात इन दिनों झूंसी के कछारी वार्ड सोनौटी के श्मशान घाट के किनारे बने हुए हैं।
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गंगापार के वार्ड नंबर नौ सोनौटी के कछार में बुधवार को नगर निगम की टीम पहुंची और हालात का जायजा लिया। नगर निगम की टीम ने कछार में दफराई गई लाशों का अंतिम संस्कार किए जाने का आश्वासन दिया। अमर उजाला में खबर में छपने के बाद नगर निगम के अफसर सक्रिय हुए और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सैकड़ों शवों को सोनौटी श्मशान घाट के किनारे रेत में दफन किए जाने से यहां के लोगों की परेशानी भी दिनों-दिन बढती जा रही है। साथ ही वहां पर रेत से खोदकर शवों को नोचने वाले कुत्ते भी लोगों के लिए आदमखोर बने हुए हैं।
कोरोना काल के दौरान झूंसी के छतनाग श्मशान घाट के किनारे कई लाशें रेत में दफनाई गई थीं। हो-हल्ला मचा तो सभी को रेत से निकालकर नगर निगम कर्मियों की मौजूदगी में जलाया गया। वैसे ही हालात इन दिनों झूंसी के कछारी वार्ड सोनौटी के श्मशान घाट के किनारे बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नई झूंसी में श्मशान घाट के बंद होने से बदरा-सोनीटी के कछार में लाशों के दफनाए जाने का सिलसिला पिछले कई माह से चल रहा है।
इस वक्त श्मशान घाट के किनारे सैकड़ों की संख्या में शवों को रेत में दफन किया गया है। सोनौटी के कछार में आसपास के सैकड़ों गांव से लोग लाशें लाकर गाड़ रहे हैं। इसके अलावां थरवई, फूलपुर, सहसों, जगतपुर, हंडिया, गोपीगंज, बरौत आदि क्षेत्रों से भी ग्रामीण शव लेकर पहुंचते हैं। इनमें उन लोगों की संख्या ज्यादा है, जो शवों को जलाने का खर्च नहीं उठा सकते हैं। भारी संख्या में शवों को दफन किए जाने से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। इससे जुड़ी खबर अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की तो नगर निगम के अफसर जागे।
दोपहर में नगर निगम के झूंसी जोन के जोनल अधिकारी सुदर्शन चंद्रा नगर निगमकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सोनौटी वार्ड के पार्षद कन्हई लाल ने नगर निगम के अफसरों को स्थिति से अवगत कराया। कहा गया कि अगर यहां पर एक श्मशान घाट दोबारा से तैयार कर दिया जाए तो उम्मीद है कि लोग यहां पर शवों का दफनाना बंद कर दें। जोनल अधिकारी सुदर्शन चंद्र का कहना है कि मौके पर जाकर जांच की गई। यह यही बात है कि रेत में काफी संख्या में शव गाड़े गए हैं। पूरे मामले से उच्च अफसरों को अवगत करा दिया गया है। उनके निर्देश के अनुसार जल्द ही कार्य किया जाएगा।