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Prayagraj News: अर्नब का असर...खेतों में पानी, फसलों की बर्बादी
Sat, 31 Oct 2026 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 31 Oct 2026 02:12 AM IST
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चक्रवाती तूफान अर्नब का असर दिखने लगा है। जिले में दो दिन से हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है जिससे कटी हुई धान की फसल, आलू, सरसों की बुवाई प्रभावित हुई है।
सोरांव तहसील के मऊआइमा, हरिसेनगंज और होलागढ़ सहित विभिन्न इलाकों में किसानों की धान की फसल खेत में कटी पड़ी थी जो लगातार दो दिनों से हो रही बारिश में भीगकर खराब हो गई।
जिन खेतों में गेहूं और सरसों की बुवाई की तैयारी थी, वहां जलभराव से बुवाई भी पिछड़ गई है। सब्जी की फसलों में भी सड़न का खतरा बढ़ गया है। राजेतारा गांव के किसान रामबाबू पटेल ने बताया कि दो एकड़ धान काटकर खेत में रखा था। बारिश से पूरा अंकुरित होने लगा है। करछना में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही और हल्के हवा के झोंके चलते रहे। कोरांव के किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है। बारा के किसान पुष्पराज, चामू के लाल जी, पिपराव के ओम प्रकाश ने बताया कि फसलों की गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। बहरिया और मऊआइमा में बारिश पशुओं का चारा भी भीग गया।
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लगातार बारिश से धान की कटाई और गेहूं-सरसों की बुवाई पर असर पड़ा है। किसानों को सलाह है कि खेत से पानी निकालने की व्यवस्था करें और कटी फसल को ऊंचे स्थान पर रखकर पॉलिथीन से ढक दें। खराब फसल का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।-डाॅ. मुकेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
बेमौसम बारिश से धान की फसल खराब
बेमौसम बारिश ने धान की फसल खराब कर दी है। किसानों की पांच माह की मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में कटी फसल भीगकर खराब हो गई। पहाड़पुर के कल्लू यादव सहित कई किसानों की 50 फीसदी फसल अभी कटनी बाकी है। महंगे खाद-बीज से तैयार फसल बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। आनापुर के मोहनलाल और भगवती दीन ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
प्रतापपुर के कई किसानों की धान की फसल भीग गई। करनाईपुर के रमेश कुमार, प्रेमचंद, पप्पू सिंह और पंकज सिंह ने बताया कि अनाज की गुणवत्ता खराब होगी। इससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिलेगा। उनका सालभर का बजट बिगड़ जाएगा। संवाद
अगेती फसल भी प्रभावित
लगातार दो दिन की बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मेजा में करीब पचास फीसदी धान खेत में गिर गई है। अमिलिया कला के किसान श्याम द्विवेदी ने बताया कि कटी हुई फसल भी खराब हो गई है। सरसों और आलू की अगेती बुवाई भी प्रभावित हुई है। यह बुवाई करीब बीस दिन बाद ही हो पाएगी, जिससे किसान चिंतित हैं।
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सोरांव तहसील के मऊआइमा, हरिसेनगंज और होलागढ़ सहित विभिन्न इलाकों में किसानों की धान की फसल खेत में कटी पड़ी थी जो लगातार दो दिनों से हो रही बारिश में भीगकर खराब हो गई।
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जिन खेतों में गेहूं और सरसों की बुवाई की तैयारी थी, वहां जलभराव से बुवाई भी पिछड़ गई है। सब्जी की फसलों में भी सड़न का खतरा बढ़ गया है। राजेतारा गांव के किसान रामबाबू पटेल ने बताया कि दो एकड़ धान काटकर खेत में रखा था। बारिश से पूरा अंकुरित होने लगा है। करछना में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही और हल्के हवा के झोंके चलते रहे। कोरांव के किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है। बारा के किसान पुष्पराज, चामू के लाल जी, पिपराव के ओम प्रकाश ने बताया कि फसलों की गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। बहरिया और मऊआइमा में बारिश पशुओं का चारा भी भीग गया।
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लगातार बारिश से धान की कटाई और गेहूं-सरसों की बुवाई पर असर पड़ा है। किसानों को सलाह है कि खेत से पानी निकालने की व्यवस्था करें और कटी फसल को ऊंचे स्थान पर रखकर पॉलिथीन से ढक दें। खराब फसल का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।-डाॅ. मुकेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
बेमौसम बारिश से धान की फसल खराब
बेमौसम बारिश ने धान की फसल खराब कर दी है। किसानों की पांच माह की मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में कटी फसल भीगकर खराब हो गई। पहाड़पुर के कल्लू यादव सहित कई किसानों की 50 फीसदी फसल अभी कटनी बाकी है। महंगे खाद-बीज से तैयार फसल बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। आनापुर के मोहनलाल और भगवती दीन ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
प्रतापपुर के कई किसानों की धान की फसल भीग गई। करनाईपुर के रमेश कुमार, प्रेमचंद, पप्पू सिंह और पंकज सिंह ने बताया कि अनाज की गुणवत्ता खराब होगी। इससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिलेगा। उनका सालभर का बजट बिगड़ जाएगा। संवाद
अगेती फसल भी प्रभावित
लगातार दो दिन की बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मेजा में करीब पचास फीसदी धान खेत में गिर गई है। अमिलिया कला के किसान श्याम द्विवेदी ने बताया कि कटी हुई फसल भी खराब हो गई है। सरसों और आलू की अगेती बुवाई भी प्रभावित हुई है। यह बुवाई करीब बीस दिन बाद ही हो पाएगी, जिससे किसान चिंतित हैं।