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टीईटी: गलत सवालों के मामले में सचिव परीक्षा नियामक तलब
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Fri, 07 Dec 2018 01:56 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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टीईटी 2018 में गलत सवाल पूछने को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को तलब कर लिया है। अदालत ने उनको 12 दिसंबर को संबंधित प्रपत्रों के साथ व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया है। इस मामले में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें आठ प्रश्नों के विकल्पों को चुनौती दी गई है। हिमांशु गंगवार और 42 अन्य तथा दूसरी कई याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2018, 18 नवंबर 2018 को आयोजित की गई। 30 नवंबर को इसकी ‘आंसर-की’ जारी कर दी गई और पांच दिसंबर को परिणाम भी घोषित हो गया। ‘आंसर-की’ में दिए गए उत्तरों से मिलान के बाद पता चला कि आठ प्रश्न ऐसे हैं, जिनके वैकल्पिक उत्तर सही नहीं हैं। इनमें से दो प्रश्नों के दो-दो विकल्प हैं। छह अन्य प्रश्नों में भी जो विकल्प दिए गए हैं, वे सही जवाब नहीं हैं। कोर्ट के समक्ष मान्य पुस्तकें प्रस्तुत कर याचीगण की ओर से साक्ष्य दिए गए। इसी प्रकार से शिमला सिंह की याचिका में याची का दावा था कि सीरीज ए के प्रश्न संख्या 66 के दो विकल्प सही हैं। याची ने सही उत्तर दिया है, मगर ‘आंसर-की’ में दूसरे विकल्प को सही उत्तर माना गया है। याची कट ऑफ मार्क्स से सिर्फ एक अंक पीछे है। कट ऑफ 90 है, जबकि याची को 89 अंक मिले हैं। यदि उसके उत्तर को सही माना जाए तो वह उत्तीर्ण हो सकती है।
अधिवक्ता सीमांत सिंह की दलील थी कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है। इसकी अंतिम तिथि 20 दिसंबर है। इसमें वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जो टीईटी उत्तीर्ण हों। ऐसे में याचीगण के मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी शीघ्र निर्णय लें अन्यथा याचीगण आवेदन से वंचित हो जाएंगे। कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सचिव को 12 दिसंबर को तलब किया है।
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याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2018, 18 नवंबर 2018 को आयोजित की गई। 30 नवंबर को इसकी ‘आंसर-की’ जारी कर दी गई और पांच दिसंबर को परिणाम भी घोषित हो गया। ‘आंसर-की’ में दिए गए उत्तरों से मिलान के बाद पता चला कि आठ प्रश्न ऐसे हैं, जिनके वैकल्पिक उत्तर सही नहीं हैं। इनमें से दो प्रश्नों के दो-दो विकल्प हैं। छह अन्य प्रश्नों में भी जो विकल्प दिए गए हैं, वे सही जवाब नहीं हैं। कोर्ट के समक्ष मान्य पुस्तकें प्रस्तुत कर याचीगण की ओर से साक्ष्य दिए गए। इसी प्रकार से शिमला सिंह की याचिका में याची का दावा था कि सीरीज ए के प्रश्न संख्या 66 के दो विकल्प सही हैं। याची ने सही उत्तर दिया है, मगर ‘आंसर-की’ में दूसरे विकल्प को सही उत्तर माना गया है। याची कट ऑफ मार्क्स से सिर्फ एक अंक पीछे है। कट ऑफ 90 है, जबकि याची को 89 अंक मिले हैं। यदि उसके उत्तर को सही माना जाए तो वह उत्तीर्ण हो सकती है।
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अधिवक्ता सीमांत सिंह की दलील थी कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है। इसकी अंतिम तिथि 20 दिसंबर है। इसमें वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जो टीईटी उत्तीर्ण हों। ऐसे में याचीगण के मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी शीघ्र निर्णय लें अन्यथा याचीगण आवेदन से वंचित हो जाएंगे। कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सचिव को 12 दिसंबर को तलब किया है।
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