High Court : एसआरएन अस्पताल में कुत्तों का आतंक, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
बृहस्पतिवार को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एके गोयल ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अस्पताल में चूहों आदि की समस्या की स्थिति का विवरण देते हुए एक हलफनामा दायर किया है। यह रिकॉर्ड में नहीं है। इस पर कोर्ट ने कार्यालय को निर्देश दिया कि वह इसका पता लगाए और इसे रिकॉर्ड में रखे।
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एसआरएन अस्पताल में कुत्तों और चूहों के आतंक का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वह अस्पताल परिसर और वार्डों का निरीक्षण करें और इसकी एक रिपोर्ट बनाकर एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। कोर्ट ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को इस मामले में पूर्णरूप से सहयोग करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति मनीश कुमार निगम की कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है।
बृहस्पतिवार को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एके गोयल ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अस्पताल में चूहों आदि की समस्या की स्थिति का विवरण देते हुए एक हलफनामा दायर किया है। यह रिकॉर्ड में नहीं है। इस पर कोर्ट ने कार्यालय को निर्देश दिया कि वह इसका पता लगाए और इसे रिकॉर्ड में रखे। साथ ही कोर्ट ने कहा कि चूहों के खतरे के अलावा अस्पताल के वार्ड आवारा कुत्तों से भरे हुए हैं। इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता को बृहस्पतिवार को ही अस्पताल को दौरा करने और एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित थाना प्रभारी को निरीक्षण के दौरान कोई व्यवधान न हो इसका ध्यान रखने का निर्देश दिया है।
चूहों के आतंक पर अमर उजाला ने प्रकाशित की थी खबर
17 जनवरी 24 को अमर उजाला में ''एसआरएन अस्पताल में चूहे पी रहे ग्लूकोजश, खा रहे हैं मल्टी विटामिन'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। कोर्ट ने इसे अस्पताल में आने वाले रोगियों और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा माना था। साथ ही सार्वजनिक महत्व का मुद्दा मानते हुए कोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में स्वत: संज्ञान लिया था। मुख्य अधीक्षक से इस संबंध में संपूर्ण विवरण मांगा था।