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बिक्री समझौते से खुद नहीं खत्म होती किरायेदारी : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:28 AM IST
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Tenancy does not automatically terminate upon a sale agreement: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मकान मालिक संग किराये की संपत्ति खरीदने का समझौता विलेख निष्पादित होने मात्र से किरायेदारी समाप्त नहीं होती। लिहाजा, यदि किरायेदार पहले से ही संपत्ति पर काबिज है तो कब्जा जारी रहने के आधार पर उसे बिक्री समझौते के आंशिक पालन में हासिल किया कब्जा नहीं माना जा सकता।
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इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने किरायेदार राजेश कुमार चौरसिया व दो अन्य की ओर से कानपुर नगर की लघु वाद न्यायालय के 14 मई के फैसले के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि किरायेदार को यह साबित करना होगा कि बिक्री समझौते के बाद पुरानी किरायेदारी स्पष्ट रूप से या निहित रूप से समाप्त हो गई थी। इसके बाद बिक्री समझौते के आधार पर संबंधित संपत्ति पर उसका कब्जा था।
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कानपुर नगर की लघुवाद न्यायालय में मकान मालिक ने 2019 में दुकान से किरायेदारों को बेदखल करने के लिए मुकदमा दाखिल किया था। आरोप था कि किरायेदारों ने एक जनवरी 2003 से 31 अगस्त 2019 तक किराया नहीं दिया। मकान मालिक ने एक सितंबर 2019 को नोटिस देकर किरायेदारी समाप्त कर दी थी।
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किरायेदारों ने दावा किया कि 24 दिसंबर 2002 को दुकान खरीदने का समझौता हुआ था। इसके साथ कब्जा सौंपने संबंधी पत्र भी तैयार किया गया था। उनका दावा था कि इसके बाद मकान मालिक-किरायेदार का संबंध खत्म हो गया और वे बिक्री समझौते के आंशिक पालन में कब्जे में थे।


हालांकि, उनकी इन दलीलों को सिरे से नकारते हुए कोर्ट ने कहा कि किरायेदार पहले से ही संपत्ति पर कब्जे में था। इसलिए लगातार कब्जा बने रहने से यह साबित नहीं होता कि कब्जा अब बिक्री समझौते के आधार पर है। पंजीकृत समझौते में भी कब्जा बिक्री विलेख के निष्पादन के समय दिए जाने की बात थी। यह किरायेदारों के तत्काल कब्जा मिलने के दावे के विपरीत था। कब्जा पत्र के गवाहों की गवाही भी नहीं कराई गई, इसलिए उसे पर्याप्त रूप से साबित नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूरी बिक्री कीमत का भुगतान कर देने से भी संपत्ति की बिक्री को समझौता विलेख स्वामित्व हस्तांतरित करने वाला दस्तावेज नहीं बन जाता।
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