फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ten thousand damages for stopping pension of retired panchayat secretary

रिटायर्ड पंचायत सचिव की पेंशन रोकने पर दस हजार का हर्जाना

Fri, 27 Nov 2020 07:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 27 Nov 2020 07:05 PM IST
विज्ञापन
Ten thousand damages for stopping pension of retired panchayat secretary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पंचायत करारी कौशांबी के रिटायर्ड सचिव का पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और सामूहिक बीमा आदि का भुगतान रोकने पर राज्य सरकार पर हर्जाना लगाया है और याची को एक माह के भीतर पेंशन व अन्य भुगतान नौ प्रतिशत ब्याज के साथ करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि एक माह के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। रिटायर्ड सचिव अनीस अहमद की याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने यह आदेश दिया। 
विज्ञापन


याची का कहना था वह नगर पंचायत झूंसी, करारी, खागा आदि कई स्थानों पर नियुक्ति रहा। रिटायर नगर पंचायत करारी से हुआ। सेवा काल में उसके खिलाफ राजनीतिक कारणों से की गई शिकायत के आधार पर जांच बैठाई गई। जिसमें निदेशक स्थानीय निकाय ने उसके पेंशन में दो प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया। इस आदेश की पुष्टि अभी लोक सेवा आयोग द्वारा होनी है। निदेशक के आदेश के परिपेक्ष्य में याची का दस प्रतिशत पेंशन, दस प्रतिशत ग्रेच्युटी और 300 दिनों का अवकाश नकदीकरण व ग्रुप इंश्योरेंस का भुगतान रोक दिया गया है। 
विज्ञापन


याची के अधिवक्ता का कहना था कि निदेशक ने सिर्फ दो प्रतिशत पेंशन रोकने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त याची को कोई दंड नहीं दिया गया है। वह भी आयोग की संस्तुति के लिए लंबित है। यदि आयोग संस्तुति दे भी देता है तो याची को उस आदेश को चुनौती देने का अधिकार है। इस स्थिति सिर्फ दो प्रतिशत पेंशन रोकी जा सकती है। शेष आठ प्रतिशत पेंशन व अन्य भुगतान पाने का याची हकदार है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने इस दलील को मंजूर करते हुए कहा कि याची की सिर्फ दो प्रतिशत पेंशन रोकी गई है और कुछ भी नहीं रोका गया है। इसलिए निदेशक स्थानीय निकाय एक माह के भीतर याची की आठ प्रतिशत पेंशन व अन्य भुगतान नौ प्रतिशत ब्याज के साथ करें। एक माह से अधिक विलंब होने पर दुगना ब्याज 18 प्रतिशत देना होगा। कोर्ट ने याची को बेवजह परेशान करने पर सरकार पर दस हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed