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दैनिक श्रमिकों को बता दिया नियमित कर्मचारी
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प्रयागराज। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षेणत्तर कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की सूचना तैयार करने में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई। दैनिक श्रमिकों को नियमित कर्मचारी बता दिया गया। वहीं, लिपिकों के पद भी बदल दिए गए। उच्च शिक्षा निदेशालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्यों, उच्च शिक्षा अधिकारियों और पुस्तकालयाध्यक्षों को पत्र जारी कर दोबारा सूचना मांगी है और चेतावनी दी है कि यदि अगली बार ऐसी गलती हुई तो सख्त कार्रवाई होगी।
राजकीय महाविद्यालयों में समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों के बारे में सूचना मांगी गई थी। भेजी गई सूचना में कई महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने दैनिक श्रमिकों को नियमित कर्मचारियों की भांति प्रदर्शित कर दिया। प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति किस विषय के लिए की गई, इसका उल्लेख भी नहीं किया। वहीं, कुछ प्राचार्यों ने वरिष्ठ लिपिक/वरिष्ठ सहायक को प्रधान सहायक/कार्यालय अधीक्षक के रूप में प्रदर्शित किया। इस तरह कॉलेजों की ओर से भेजी गई सूचनाओं में तमाम त्रुटियां सामने आईं ेहैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से अब सभी प्राचार्यों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्षों को पत्र जारी कर कहा है कि विवरण को सावधानीपूर्वक निर्धारित प्रारूप में भरकर दोबारा भेजें। प्राचार्यों को यह सूचना अपने क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करनी है और संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के सभी महाविद्यालयों से सूचना एकत्रित कर 10 कार्य दिवस के भीतर उच्च शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराएंगे। किसी भी दशा में सूचना सीधे निदेशालय को नहीं भेजी जाएगी। इसके बाद भी कोई त्रुटि संज्ञान में आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रमोशन के लिए तीन दिन में मांगी सूचना
प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राजकीय महाविद्यालयों में कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद और वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक/कार्यालय अधीक्षक के पद पर प्रमोशन के संबंध में राजकीय महाविद्यालयों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्षों से कुछ सूचनाएं मांगीं थीं। कई महाविद्यालयों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी से अब तक सूचनाएं नहीं भेजी गईं हैं। इसी के मद्देनजर उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से मंगलवार को सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पुस्तकालयाध्यक्षों को दोबारा पत्र जारी करते हुए तीन कार्य दिवस के भीतर जरूरी सूचनाएं एवं अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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राजकीय महाविद्यालयों में समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों के बारे में सूचना मांगी गई थी। भेजी गई सूचना में कई महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने दैनिक श्रमिकों को नियमित कर्मचारियों की भांति प्रदर्शित कर दिया। प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति किस विषय के लिए की गई, इसका उल्लेख भी नहीं किया। वहीं, कुछ प्राचार्यों ने वरिष्ठ लिपिक/वरिष्ठ सहायक को प्रधान सहायक/कार्यालय अधीक्षक के रूप में प्रदर्शित किया। इस तरह कॉलेजों की ओर से भेजी गई सूचनाओं में तमाम त्रुटियां सामने आईं ेहैं।
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उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से अब सभी प्राचार्यों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्षों को पत्र जारी कर कहा है कि विवरण को सावधानीपूर्वक निर्धारित प्रारूप में भरकर दोबारा भेजें। प्राचार्यों को यह सूचना अपने क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करनी है और संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के सभी महाविद्यालयों से सूचना एकत्रित कर 10 कार्य दिवस के भीतर उच्च शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराएंगे। किसी भी दशा में सूचना सीधे निदेशालय को नहीं भेजी जाएगी। इसके बाद भी कोई त्रुटि संज्ञान में आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रमोशन के लिए तीन दिन में मांगी सूचना
प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राजकीय महाविद्यालयों में कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद और वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक/कार्यालय अधीक्षक के पद पर प्रमोशन के संबंध में राजकीय महाविद्यालयों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्षों से कुछ सूचनाएं मांगीं थीं। कई महाविद्यालयों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी से अब तक सूचनाएं नहीं भेजी गईं हैं। इसी के मद्देनजर उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से मंगलवार को सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पुस्तकालयाध्यक्षों को दोबारा पत्र जारी करते हुए तीन कार्य दिवस के भीतर जरूरी सूचनाएं एवं अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।