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शिक्षक भर्ती में अनियमितता का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
Sun, 19 May 2019 12:32 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 19 May 2019 12:32 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चार विभागों में शिक्षक भर्ती में धांधली का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में भेजे गए शिकायती पत्र को न्यायालय ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। शिकायतकर्ता ने कुछ साक्ष्य भी साथ में भेजे थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मेरिट के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय उस पर सुनवाई को तैयार हो गया है।
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शिकायतकर्ता को सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजी गई सूचना के अनुसार उनका शिकायती पत्र जनहित याचिका के तौर पर सुना जाएगा। हेता पट्टी, प्रयागराज के रहने वाले प्रदीप कुमार द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी शिकायत भेजते हुए आरोप लगाया है कि 2017 के विज्ञापन के तहत इविवि के हिंदी विभाग, रूरल टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशन विभाग और शिक्षाशास्त्र विभाग में शिक्षक भर्ती एवं स्क्रीनिंग प्रक्रिया में धांधली की गई है।
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शिक्षाशास्त्र विभाग में आवेदनों की स्क्रीनिंग तो हुई लेकिन भर्ती अब तक नहीं हो सकी है जबकि अन्य तीनों विभागों में शिक्षकों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के 100 से अधिक पदों पर भर्ती हुई है। शिकायतकर्ता ने इसके लिए कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सीबीआई जांच की मांग भी की है।
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